Wednesday, June 17, 2026

हाल ही में वेदांता ग्रुप ने अपनी पांच कंपनियों को लिस्ट करवाई है, पावर भी उनमें से एक है.

Share

नई दिल्ली : हाल ही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध बिजली कंपनी वेदांता पावर ने बुधवार को कहा कि वह दीर्घकालिक विविधीकरण योजना के तहत पनबिजली, बैटरी भंडारण और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में प्रवेश की संभावनाओं का आकलन कर रही है. वेदांता पावर लिमिटेड के शेयर 15 जून को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध हुए थे. शेयर सूचीबद्धता समारोह की अगुवाई वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने की थी.

कंपनी ने एक बयान में कहा कि शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना उसके लिए एक अहम मोड़ है, जहां वह मजबूत परिचालन आधार पर खड़ी एक स्वतंत्र एवं केंद्रित इकाई के रूप में उभर रही है. उसने कहा कि कंपनी भारत की तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने की अच्छी स्थिति में है.

वर्तमान में ताप-विद्युत क्षमता पर ही निर्भर वेदांता पावर ने कहा, ‘‘आने वाले दशकों में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयले की अहम भूमिका बनी रहेगी और यह नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के साथ मिलकर आगे बढ़ेगा. कंपनी अपनी दीर्घकालिक विस्तार योजना के तहत जलविद्युत, बैटरी भंडारण और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में संभावित अवसरों का आकलन कर रही है.’’

कंपनी ने कहा कि वह परमाणु ऊर्जा को एक स्वच्छ, भरोसेमंद एवं 24 घंटे उपलब्ध बिजली स्रोत मानती है और यह देश के ऊर्जा बदलाव में अहम भूमिका निभा सकता है.

वेदांता लिमिटेड के विविध कारोबार को पुनर्गठन योजना के तहत अलग-अलग कंपनियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. इनमें बिजली क्षेत्र के अलावा एल्युमीनियम, तेल एवं गैस और लौह एवं इस्पात कारोबार भी शामिल हैं.

वेदांता पावर ने कहा कि वह अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने, उत्पादन विस्तार और दीर्घकालिक बिजली प्लेटफॉर्म तैयार करने पर ध्यान दे रही है.

कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता 20 गीगावॉट तक बढ़ाने की योजना बना रही है और दीर्घावधि में देश की शीर्ष तीन निजी बिजली कंपनियों में शामिल होने का लक्ष्य रखती है.

इस योजना के तहत कंपनी चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अपने सक्ती संयंत्र में 600 मेगावाट की दूसरी इकाई चालू करने और 2032-33 तक कुल क्षमता 12 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है.

कंपनी के अनुसार, इस लक्ष्य का बड़ा हिस्सा मौजूदा संयंत्रों के विस्तार के जरिये पूरा किया जाएगा, जिससे लागत और समय दोनों में दक्षता मिलेगी.

Read more

Local News