Friday, August 21, 2026

हर खदान की होगी सुरक्षा रेटिंग, खराब प्रदर्शन पर बढ़ेगी निगरानी.

Share

धनबाद: देशभर की खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) नई रेटिंग प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक खदान का सुरक्षा प्रदर्शन अलग-अलग मानकों के आधार पर आंका जाएगा और उसके आधार पर सुरक्षा रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले पहचान करना और समय रहते सुधारात्मक कदम उठाना है।

सुरक्षा मानकों पर मिलेगी रेटिंग

प्रस्तावित व्यवस्था में खदानों से सुरक्षा से जुड़े आंकड़े ऑनलाइन जुटाए जाने की बात कही गई है। जोखिम की स्थिति, सुरक्षा नियमों का पालन और खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली जैसे पहलुओं को आधार बनाकर रेटिंग तैयार की जाएगी।

खराब प्रदर्शन करने वाली खदानों पर निगरानी और निरीक्षण बढ़ाया जा सकता है। वहीं बेहतर सुरक्षा रिकॉर्ड वाली खदानों के निरीक्षण की आवृत्ति कम करने तथा उन्हें प्रोत्साहित करने का विकल्प भी प्रस्ताव में रखा गया है।

जोखिम के आधार पर होगा आकलन

राष्ट्रीय जोखिम रेटिंग में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इनमें खदान की भूगर्भीय स्थिति, खनन की गहराई, छत और किनारों की स्थिरता तथा इस्तेमाल होने वाली मशीनरी की स्थिति जैसे बिंदु शामिल हैं।

प्रस्ताव के मुताबिक जोखिम के स्तर के आधार पर खदानों को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इससे उन खदानों की पहचान आसान होगी, जहां सुरक्षा संबंधी जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हैं।

नियमों के पालन पर भी मिलेंगे अंक

सिर्फ जोखिम ही नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों के अनुपालन को भी रेटिंग का हिस्सा बनाया जाएगा। सुरक्षा योजना, मानक संचालन प्रक्रिया, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, सुरक्षा अभ्यास, दुर्घटना के बाद की कार्रवाई, सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल जैसे मानकों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।

राष्ट्रीय जोखिम रेटिंग और अनुपालन रेटिंग को मिलाकर खदान की समग्र सुरक्षा रेटिंग तैयार करने का प्रस्ताव है।

35 से कम अंक पर माना जाएगा बेहद खराब प्रदर्शन

प्रस्तावित समग्र सुरक्षा रेटिंग के अनुसार खदानों को इस तरह वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • 85-100 अंक: उत्कृष्ट
  • 70-84 अंक: अच्छी
  • 50-69 अंक: औसत
  • 35-49 अंक: खराब
  • 35 से कम अंक: बेहद खराब

इसका मतलब है कि 35 से कम स्कोर वाली खदानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए अधिक कड़ी निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।

AI और डेटा एनालिसिस की भी होगी भूमिका

नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा विश्लेषण के इस्तेमाल का भी प्रस्ताव है। इसके जरिए बार-बार सामने आने वाले सुरक्षा उल्लंघनों, दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी या सुरक्षा मानकों में गिरावट जैसे संकेतों की पहचान पहले की जा सकेगी।

ऐसे संकेत मिलने पर संबंधित खदान में समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

प्रस्ताव पर मांगे गए हैं सुझाव

DGMS की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रस्तावित मसौदा सामने रखा गया है। इसमें राष्ट्रीय जोखिम रेटिंग इंडेक्स, राष्ट्रीय अनुपालन रेटिंग इंडेक्स और समग्र खान सुरक्षा रेटिंग जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख है। अंतिम व्यवस्था तय होने से पहले संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाने हैं।

नई रेटिंग प्रणाली लागू होने पर खदानों की सुरक्षा का आकलन अधिक व्यवस्थित तरीके से करने और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर संसाधनों व निरीक्षण को प्राथमिकता देने में मदद मिल सकती है।

Read more

Local News