हजारीबाग: शहर में कचरा उठाव व्यवस्था बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों से नगर निगम क्षेत्र में कचरे का नियमित उठाव नहीं हो रहा है। इसके चलते कई चौक-चौराहों और प्रमुख इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। बरसात के बीच कचरा सड़ने से दुर्गंध भी फैल रही है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
बताया जा रहा है कि शहर से एकत्र किया गया कचरा नगर निगम की गाड़ियों में पड़ा है, लेकिन डंपिंग यार्ड में उसे रखने को लेकर समस्या उत्पन्न हो गई है। मंडई स्थित डंपिंग स्थल पर स्थानीय लोग कचरा गिराने का विरोध कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की आपत्ति मुख्य रूप से कचरे के निस्तारण और रीसाइक्लिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने को लेकर है। जिस एजेंसी को कचरे के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है, वहां अब तक प्रस्तावित प्लांट पूरी तरह स्थापित नहीं हो सका है। ऐसे में डंपिंग क्षेत्र में लगातार कचरा जमा होने से आसपास के लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब बताई जा रही है। बारिश के कारण खुले में पड़ा कचरा सड़ने लगा है। कई जगहों से गुजरते समय लोगों को दुर्गंध से बचने के लिए नाक ढकनी पड़ रही है। इससे साफ-सफाई और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
2025 में दी गई थी कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी
नगर निगम के महापौर अरविंद राणा के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से शहर में कचरा उठाव प्रभावित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में GRC कंपनी को घरों और शहर से कचरा उठाने, उसे डंपिंग स्थल तक पहुंचाने तथा रीसाइक्लिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, संबंधित व्यवस्था अब तक पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकी है।
महापौर के अनुसार डंपिंग यार्ड में कचरा लगातार जमा हो रहा है। इसी वजह से वहां रहने वाले ग्रामीणों में भी नाराजगी है और वे कचरा गिराने का विरोध कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। निगम का कहना है कि कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सामान्य होने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
