जामताड़ा: लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं की पहचान और उनकी आजीविका से जुड़ी उपलब्धियों को पोर्टल पर दर्ज करने में लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। मंगलवार को हुई ऑनलाइन समीक्षा बैठक में जामताड़ा सदर, फतेहपुर और करमाटांड़ प्रखंड की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। इसके बाद उपायुक्त आलोक कुमार ने तीनों प्रखंडों के कार्यक्रम प्रबंधकों (BPM) का मानदेय रोकने का निर्देश दिया।
डीसी ने जेएसएलपीएस की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी BPM को डिजिटल आजीविका रजिस्टर पर जरूरी सूचनाओं की एंट्री निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी से संबंधित आजीविका गतिविधियों और महिलाओं की उपलब्धियों का डेटा पोर्टल पर शत-प्रतिशत दर्ज होना चाहिए।
लंबित कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश
प्रशासन ने अगले दो से तीन दिनों में विशेष अभियान चलाकर पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों को पूरा करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जमीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं की गतिविधियों और उपलब्धियों का सही रिकॉर्ड तैयार कर समय पर ऑनलाइन अपडेट किया जाए।
समीक्षा के दौरान प्रखंडवार लखपति दीदियों की पहचान और डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। खराब प्रगति वाले प्रखंडों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर
बैठक में ग्रामीण परिवारों को आय बढ़ाने वाली विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति पर भी विचार किया गया। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, स्वरोजगार और गैर-कृषि आधारित उद्यमों से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी आर्थिक गतिविधियों का नियमित रिकॉर्ड भी तैयार किया जाना जरूरी है।
ऑनलाइन बैठक में डीडीसी असीम किस्पोट्टा, जेएसएलपीएस के डीपीएम राहुल रंजन, विभिन्न प्रखंडों के BPM, सामुदायिक समन्वयक, जिला प्रबंधक समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
