हजारीबाग, 6 अक्टूबर 2026: जिले के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयले के भंडारण-परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के बीच स्थानीय निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। तापिन परियोजना में CISF और CCL की संयुक्त टीम ने ड्रोन से निगरानी के बाद छापेमारी कर 129.730 टन अवैध कोयला बरामद किया है। बरामद कोयले की कीमत करीब 3.13 लाख रुपये बताई गई है।
ड्रोन सर्विलांस के बाद हुई कार्रवाई
4 अक्टूबर को चरही थाना क्षेत्र के इंद्रा ग्राम स्थित तापिन परियोजना में CISF और CCL की सुरक्षा टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। ड्रोन के जरिए इलाके की निगरानी के बाद छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में कोयला बरामद हुआ।
इतनी बड़ी मात्रा में कोयला जमा होने के मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी के दौरान इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिल सकी।
बड़कागांव क्षेत्र में भी सामने आते रहे मामले
बड़कागांव थाना क्षेत्र के सेहदा, चपरी और जोराकाठ सहित आसपास के इलाकों में भी अवैध कोयला रखने और उसके परिवहन के मामले सामने आने की बात कही गई है। पूर्व में कोयला लदे वाहनों के पकड़े जाने की घटनाएं भी हुई हैं।
लगातार कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि कोयला क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है।
एसपी ने दिए थे पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश
30 सितंबर को हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने बड़कागांव थाना का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने कोयला तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ खनन क्षेत्रों में नियमित गश्ती करने का निर्देश दिया था।
इसके कुछ दिनों बाद ही तापिन परियोजना से भारी मात्रा में अवैध कोयला बरामद होने के बाद पुलिस की सूचना व्यवस्था और रात्रि पेट्रोलिंग की प्रभावशीलता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
केवल जब्ती नहीं, पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की जरूरत
अवैध कोयले की बरामदगी के बाद अब कार्रवाई को सिर्फ जब्ती तक सीमित रखने के बजाय उसके स्रोत और आगे की सप्लाई चेन की जांच पर भी जोर देने की जरूरत बताई जा रही है।
हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस की मिलीभगत का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच स्थानीय सूचना तंत्र, पेट्रोलिंग और खनन क्षेत्रों की निगरानी की समीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर आगे की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद कोयला कहां से आया और इसके भंडारण या परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका क्या थी।
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