Thursday, August 13, 2026

हजारीबाग ट्रैफिक सुधार पर हाईकोर्ट सख्त, बाइपास के पास बस स्टैंड शिफ्ट करने पर विचार के निर्देश.

Share

रांची/हजारीबाग: हजारीबाग शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने प्रशासन को ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने शहर के बीच स्थित पुराने बस स्टैंड को बाइपास के पास शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने को कहा।

बस स्टैंड शिफ्ट करने के लिए बैठक का निर्देश

अदालत ने कहा कि हजारीबाग में बाइपास का निर्माण हो चुका है। ऐसे में शहर के बीच बस स्टैंड होने से मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता है। बस स्टैंड को बाइपास के नजदीक स्थानांतरित करने से शहर के भीतर यातायात का दबाव कम किया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने प्रशासन को इस प्रस्ताव पर उच्चस्तरीय बैठक कर व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, याचिकाकर्ता की ओर से ट्रैफिक सुधार को लेकर दिए गए सुझावों पर भी विचार करने को कहा गया है।

अदालत ने प्रशासन को अब तक की कार्रवाई और आगे की योजना की जानकारी देते हुए 15 दिनों के भीतर शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।

अतिक्रमण और ट्रैफिक सिग्नल को लेकर सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अच्युत स्वरूप मिश्रा ने शहर की मौजूदा यातायात स्थिति से अदालत को अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद ट्रैफिक सिग्नल लगाने और सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

याचिकाकर्ता के अनुसार, शहर के कई प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है। अदालत के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेज में यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और सुधार के उपायों का भी उल्लेख किया गया।

पुलिस पर कथित दुर्व्यवहार का आरोप

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हजारीबाग पुलिस प्रशासन पर कथित दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया। उन्होंने बताया कि कोर्रा थाना प्रभारी को करीब एक महीने पहले संज्ञेय अपराध से संबंधित लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

इस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने को कहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता अधिवक्ता को भविष्य में किसी तरह के उत्पीड़न या प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

अब प्रशासन के सामने हजारीबाग की यातायात व्यवस्था को सुधारने के साथ बस स्टैंड के संभावित स्थानांतरण की व्यवहारिकता, यात्रियों की सुविधा और परिवहन व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी है।

Read more

Local News