हजारीबाग: स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत रविवार को हजारीबाग झील परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। एवरमेयर फाउंडेशन के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में करीब 30 से 35 सदस्य और स्वयंसेवक शामिल हुए। सभी ने झील के आसपास जमा कचरे, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट को हटाकर परिसर की साफ-सफाई की।
युवाओं ने लिया स्वच्छता का संकल्प
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने लोगों को सार्वजनिक स्थानों और जलस्रोतों को साफ रखने के लिए जागरूक किया। लोगों से अपील की गई कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने की कोशिश करें।
फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने की जिम्मेदारी केवल किसी संस्था या प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
हजारीबाग झील के संरक्षण पर जोर
अभियान में शामिल सदस्यों ने कहा कि हजारीबाग झील शहर की पहचान और खूबसूरती से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। यह प्राकृतिक वातावरण के साथ लोगों के लिए मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र है। ऐसे में झील और उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
10 साल के अर्चित ने भी लिया हिस्सा
स्वच्छता अभियान में सबसे कम उम्र के प्रतिभागियों में 10 वर्षीय अर्चित भी शामिल रहा। उसने अन्य स्वयंसेवकों के साथ सफाई अभियान में हिस्सा लेकर स्वच्छता का संदेश दिया।
अभियान के दौरान लोगों को विशेष रूप से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया गया।
ये सदस्य और स्वयंसेवक रहे मौजूद
अभियान में गौरव दुबे, अभिराज, आयुष, प्रत्युष, अर्चित, विशाल, आर्यन, सचिन, अभिषेक, अंकित, चंदन, संजय, ऋषव, आकाश समेत फाउंडेशन के अन्य सदस्य और स्वयंसेवक मौजूद रहे।
आयोजकों के मुताबिक, इस तरह के अभियानों का उद्देश्य केवल किसी एक दिन सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में सार्वजनिक स्थलों और जलस्रोतों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
