रांची: स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय में बैठक हुई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहियाओं के प्रोत्साहन भुगतान, स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय, NHM कर्मचारियों को EPF सुविधा और डॉक्टरों के रिक्त पदों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
सहियाओं के भुगतान में देरी नहीं करने का निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को सहियाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान राज्य मुख्यालय से सीधे सहियाओं के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया। इससे भुगतान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की बात कही गई।
सहियाओं के रोजमर्रा के काम को सुविधाजनक बनाने के लिए उन्हें जल्द टैबलेट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
संविदाकर्मियों के मानदेय पर भी चर्चा
बैठक में संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय भुगतान को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने इसके लिए HIRS के माध्यम से राज्य मुख्यालय स्तर से भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।
मलेरिया मरीजों को मच्छरदानी देने की तैयारी
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने मलेरिया की रोकथाम से संबंधित गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार कदम उठाने पर जोर दिया।
NHM कर्मचारियों को EPF का लाभ
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का लाभ देने के मुद्दे पर भी बैठक में विचार हुआ। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधा मिल सके।
खाली पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति पर जोर
स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों से कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता को जरूरी बताया, ताकि मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
कम खर्च वाली योजनाओं की होगी समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का भी जायजा लिया गया। जिन योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में खर्च कम हुआ है, उनकी विशेष समीक्षा करने को कहा गया।
मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि योजनाओं के लिए निर्धारित बजट का नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से इस्तेमाल हो तथा उसका लाभ लोगों तक पहुंचे।
जमीनी स्थिति के आधार पर योजनाओं में सुधार
स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के साथ अधिकारियों को क्षेत्र का दौरा कर वास्तविक स्थिति समझने का निर्देश भी दिया गया। मंत्री ने जमीनी स्तर से मिलने वाली जानकारी के आधार पर योजनाओं में आवश्यक बदलाव करने पर जोर दिया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक वित्त सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े नोडल पदाधिकारी और परामर्शी मौजूद रहे।
