Tuesday, June 30, 2026

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र से रांची में एम्स और रिम्स-2 के लिए ₹2000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग की है।

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रांची। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र से झारखंड की राजधानी रांची में एम्स की स्थापना तथा रिम्स-2 की स्थापना के लिए दो हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग केंद्र से की है।

उन्होंने सोमवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित 16वीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की बैठक में इसकी मागें रखीं।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, लेकिन खनन गतिविधियों के दुष्प्रभाव के कारण यहां फाइलेरिया, मलेरिया, कालाजार, एनीमिया, थैलेसीमिया, टीबी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत झारखंड को मिलने वाली राशि अपेक्षित स्तर पर नहीं मिल रही है, जबकि लगभग चार करोड़ आबादी वाले राज्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में केवल एक एम्स देवघर में है, जो राजधानी रांची से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। इस कारण गंभीर मरीजों को समय पर सुपर स्पेशियलिटी इलाज नहीं मिल पाता।

ऐसी स्थिति में एक और एम्स राजधानी रांची को मिलना चाहिए। साथ ही रांची में रिम्स-2 के लिए भी केंद्र से दो हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की।

उन्होंने बैठक में बताया कि झारखंड सरकार लगभग 4,100 करोड़ रुपये की लागत से रिम्स-2 की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है तथा इसके लिए एशियन डवलपमेंट बैंक (एडीबी) से ऋण लिया जा रहा है। यदि दो हजार करोड़ का सहयोग मिल जाए तो यह महत्वाकांक्षी परियोजना शीघ्र पूरी होगी।

आठ जिलों में मेडिकल कॉलेज की मांग

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में कहा कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या के मामले में झारखंड आज भी कई राज्यों से पीछे है। उन्होंने चतरा, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, पाकुड़, रामगढ़, सिमडेगा और साहिबगंज सहित अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे चिकित्सकों की कमी दूर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी।

उन्होंने वर्तमान मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा पीजी की सीटें दोगुनी करने की भी मांग रखी। उन्होंने राज्य में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति देने की भी मांग की।

छोटी एंबुलेंस, कैंसर उपचार में वित्तीय सहायता आदि की भी मांग

बैठक में सहिया के मानदेय भुगतान का मुद्दा उठाते हुए मानदेय की राशि बढ़ाने की मांग की। साथ ही ‘ममता वाहन’ (छोटी एंबुलेंस) उपलब्ध कराने की मांग की ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

साथ ही सभी सदर अस्पतालों में बच्चों के लिए आईसीयू, सीसीयू, एचडीयू की स्थापना की मांग रखी। उन्होंने कैंसर उपचार के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता और अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

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