साहेबगंज: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही बारिश के कारण साहेबगंज जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में पानी घुसने से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। लोगों के सामने रहने, भोजन और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। बाढ़ का असर खेती और पशुधन पर भी पड़ा है।
स्थिति को देखते हुए पूर्व विधानसभा सदस्य और महिला बाल विकास समिति की सभापति सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर केंद्र से विशेष राहत सहायता की मांग की है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से राहत पैकेज जारी करने का आग्रह किया है।
कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
लगातार बारिश और गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे हजारों परिवारों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। प्रभावित लोगों के सामने सुरक्षित आवास, भोजन और स्वच्छ पेयजल की समस्या है।
बाढ़ के कारण खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई पशुओं के प्रभावित होने की सूचना है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ गई हैं।
स्थानीय स्तर पर राहत कार्य जारी
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सीता मुर्मू सोरेन ने बताया कि स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटा है। हालांकि बाढ़ का दायरा बड़ा होने के कारण प्रशासन के पास उपलब्ध संसाधन जरूरत के मुकाबले कम पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है। ऐसे में केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलने से राहत कार्यों को गति दी जा सकती है।
भोजन, पानी और दवाइयों के लिए मांगी मदद
सीता मुर्मू सोरेन ने प्रधानमंत्री से बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि राहत राशि का इस्तेमाल प्रभावित लोगों तक भोजन, साफ पानी, दवाइयां, तिरपाल और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने में किया जा सकेगा।
उन्होंने बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से साहेबगंज के प्रभावित लोगों के लिए विशेष राहत पैकेज पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।
