देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल रहा है. यहां आसमान में बादलों और धूप के बीच लुका-छिपी चल रही है, जिसके चलते कहीं तेज धूप है तो कहीं गरज के साथ हल्की या भारी बारिश हो रही है. बदलते मौसम और कमजोर इम्यूनिटी के कारण शरीर का तापमान और श्वसन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे मौसमी वायरस और बैक्टीरिया आसानी से हमला कर देते हैं. इसके साथ ही मौसम में बदलाव या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण कई लोगों को सर्दी-जुकाम हो जाता है. सर्दी-जुकाम इस मौसम में होने वाली एक आम समस्या है. इसमें आमतौर पर, नाक बहना, गले में खराश और हल्की खांसी जैसे सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं. मौसम में बदलाव के कारण होने वाला सर्दी-जुकाम अपने आप ठीक हो जाता है.
आम तौर पर, सामान्य सर्दी-जुकाम 7 से 10 दिनों में ठीक हो जाता है. हालांकि, अगर लक्षण 10 से 14 दिनों से ज्यादा समय तक बने रहते हैं या बिगड़ने लगते हैं, तो यह किसी गंभीर बीमारी या एलर्जी का संकेत हो सकता है जिसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी हो सकती है. इस खबर में, जानिए कि सर्दी-जुकाम कब गंभीर हो जाता है और कौन से चेतावनी संकेतों से मेडिकल इमरजेंसी का पता चलता है…
सर्दी-जुकाम से ठीक होने में कितना समय लगता है?
डॉक्टरों का कहना है कि हर सर्दी-जुकाम एक जैसा नहीं होता। कुछ वायरल इन्फेक्शन 5 से 7 दिनों में ठीक हो जाते हैं. हालांकि, एलर्जी, साइनस इन्फेक्शन या अन्य कारणों से होने वाली सर्दी-जुकाम लंबे समय तक रह सकती है. यह कमजोर इम्यून सिस्टम या गंभीर इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है. इसलिए, सामान्य सर्दी-जुकाम और गंभीर बीमारी के बीच का अंतर समझना जरूरी है
सामान्य सर्दी-जुकाम कब गंभीर हो जाता है?
माई क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, सामान्य सर्दी-जुकाम आमतौर पर पर्याप्त आराम, शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने और छोटे-मोटे इलाज से एक हफ्तों से दस दिनों में ठीक हो जाता है. हालांकि, अगर लक्षण बेहतर होने के बजाय और बिगड़ जाते हैं, या आपको स्वास्थ्य से जुड़ी नई समस्याएं होने लगती हैं, तो यह समझना जरूरी है कि सर्दी-जुकाम गंभीर हो गया है. आम सर्दी-जुकाम नाक, साइनस, गले और श्वास नली का एक संक्रमण है. सर्दी-जुकाम आसानी से फैलता है. 200 से ज्यादा अलग-अलग वायरस सर्दी-जुकाम का कारण बन सकते हैं. आम सर्दी-जुकाम का कोई इलाज नहीं है, लेकिन यह आमतौर पर 10 से 14 दिनों में ठीक हो जाता है. अगर सर्दी-जुकाम 10 से 14 दिनों के बाद भी ठीक न हो, आराम न मिले, बिगड़ जाए या गंभीर लक्षण पैदा करें, तो डॉक्टर से सलाह लें
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें…
- सांस लेने में तकलीफ: सांस फूलना या तेजी से सांस लेना
- सीने में दर्द: सीने में जलन, दर्द या दबाव महसूस होना
- तेज बुखार: ऐसा तेज बुखार जो कई दिनों तक बना रहे और पैरासिटामोल लेने के बाद भी कम न हो
- मानसिक उलझन: सोचने-समझने में स्पष्टता की कमी या बहुत ज्यादा सुस्ती
- होंठ या चेहरे का रंग नीला पड़ना: यह बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो रहा है.
- डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण: बहुत ज्यादा चक्कर आना, या बहुत कम या बिल्कुल भी पेशाब न आना.
- अन्य गंभीर लक्षणों में खांसने पर खून आना, कान में तेज दर्द या साइनस का दर्द शामिल हैं
अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इन टिप्स को अपनाएं
- भाप लेना: दिन में दो बार भाप लेने से नाक बंद होने और साइनस के दर्द से राहत मिलती है.
- गुनगुने नमकीन पानी से गरारे करना: गले की खराश या जलन को शांत करने के लिए यह बहुत असरदार है.
- खुद से एंटीबायोटिक्स न लें: आम सर्दी-जुकाम वायरस की वजह से होता है, जबकि एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरिया के खिलाफ असरदार होती हैं, इसलिए, डॉक्टर की सलाह के बिना कभी भी एंटीबायोटिक्स न लें.
- पोषण: विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे नींबू का रस, आंवला और गर्म सूप (जैसे वेजिटेबल या चिकन सूप) पीने से शरीर की एनर्जी लेवल को बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, दिल की बीमारी या डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सर्दी-जुकाम होने पर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. समय पर डॉक्टर से इलाज कराने से निमोनिया या दूसरे गंभीर इन्फेक्शन जैसी मुश्किलों से बचा जा सकता है.


