Thursday, October 22, 2026

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में बिहार के सांसद अरुण भारती ने रखा भारत का पक्ष, शांति निर्माण पर कही बड़ी बात.

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पटना, 22 अक्टूबर 2026 | Bihar News: जमुई से लोकसभा सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के संसदीय दल के मुख्य सचेतक अरुण भारती ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। बैठक के दौरान उन्होंने शांति निर्माण, समावेशी विकास और संबंधित देशों की प्राथमिकताओं के सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सहयोग और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अरुण भारती ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण आयोग (PBC) और अफ्रीकी संघ शांति एवं सुरक्षा परिषद की नौवीं वार्षिक परामर्श बैठक में भारत का पक्ष रखा।

बैठक में शांति निर्माण से जुड़े मुद्दों और अफ्रीका में स्थायी शांति स्थापित करने के उपायों पर चर्चा हुई। इस दौरान सांसद ने भारत के दृष्टिकोण को सामने रखते हुए कहा कि शांति की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए संबंधित देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को केंद्र में रखना आवश्यक है।

राष्ट्रीय स्वामित्व को बताया स्थायी शांति का आधार

अरुण भारती ने शांति निर्माण में राष्ट्रीय स्वामित्व को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, किसी भी देश में शांति स्थापित करने के प्रयास वहां की सरकार और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए।

उन्होंने मांग आधारित अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसका आशय है कि बाहरी सहायता संबंधित देश की जरूरतों और सहमति के अनुसार दी जाए, ताकि वह स्थानीय प्रयासों को मजबूत कर सके।

अफ्रीका में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के बेहतर समन्वय पर जोर

सांसद ने अफ्रीका में शांति निर्माण के प्रयासों को प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति निर्माण कोष, अफ्रीकी विकास बैंक और अन्य साझेदार संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय तक शांति बनाए रखने के लिए केवल वित्तीय सहायता पर्याप्त नहीं है। इसके साथ विकास के अवसर बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों को प्रक्रिया में शामिल करने की भी जरूरत है।

महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को बताया जरूरी

अरुण भारती ने शांति निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने समावेशी विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्थायी शांति के प्रयासों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी होनी चाहिए।

बैठक में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के महत्व का भी उल्लेख किया गया। इस संदर्भ में भारत की आधार, यूपीआई और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसी व्यवस्थाओं का उदाहरण दिया गया। इन प्रणालियों का उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं और लाभों को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में मदद करना है।

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का किया उल्लेख

अरुण भारती ने भारत के दृष्टिकोण को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना से जोड़ा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने को गर्व का अवसर बताया।

इस अवसर के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के प्रति आभार व्यक्त किया।

वैश्विक मंच पर भारत के दृष्टिकोण को रखा

संयुक्त राष्ट्र की इस बैठक में अरुण भारती ने शांति निर्माण के साथ राष्ट्रीय स्वामित्व, समावेशी विकास और डिजिटल व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। उनका संदेश था कि टिकाऊ शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ स्थानीय जरूरतों, लोगों की भागीदारी और विकास को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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