मुंबई, 30 सितंबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार दबाव में रहा। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 48.78 अंक गिरकर 72,480.29 और निफ्टी 95.75 अंक टूटकर 22,620.45 पर बंद हुआ।
फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों पर दबाव
बाजार में व्यापक कमजोरी के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा।
निफ्टी में अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
दूसरी ओर, TCS ने मजबूती दिखाई। मिडकैप सेगमेंट में RVNL और Prestige Estates के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई।
रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 95.81 पर बंद
शेयर बाजार में गिरावट के विपरीत मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये को कुछ राहत मिली। बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 95.81 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में कुछ सुधार और विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रिजर्व बैंक की संभावित सक्रियता से रुपये को समर्थन मिला। रुपये में सुधार से आयात पर निर्भर कंपनियों को कुछ राहत मिल सकती है।
निफ्टी के लिए 22,600 का स्तर अहम
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, आने वाले सत्रों में 22,600 से 22,550 का क्षेत्र निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। इस स्तर के आसपास बाजार की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।
वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़े संकेत आगे बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र पर
लगातार तीसरे दिन बाजार में गिरावट के बाद निवेशकों के लिए अगले सत्र में वैश्विक संकेत और प्रमुख सेक्टरों की चाल महत्वपूर्ण रहेगी। विशेषज्ञों के बाजार संबंधी आकलन के अनुसार, मौजूदा अनिश्चितता के बीच कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और बाजार की समग्र दिशा पर ध्यान देना जरूरी होगा।
