मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ खुला। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में सतर्क रुख अपनाया।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूटकर करीब 77,591 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी लगभग 144 अंकों की गिरावट के साथ 24,190.05 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
सेक्टरवार प्रदर्शन
शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक दबाव निजी बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर देखने को मिला। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स भी 1 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर रहा।
दूसरी ओर निफ्टी पीएसयू बैंक, फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल और ऑयल एंड गैस सूचकांकों में बढ़त देखने को मिली। प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक दबाव के बावजूद भारतीय बाजार का तकनीकी ढांचा अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत बना हुआ है। उनके अनुसार, यदि बाजार में और गिरावट आती है तो निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर निकटतम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,500 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस हो सकता है।
कच्चे तेल में तेजी का असर
सप्ताहांत के दौरान मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 85.39 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया। तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है।
एशियाई बाजारों का रुख
एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4 प्रतिशत से अधिक टूटे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। इसके अलावा चीन का शंघाई कंपोजिट और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट भी बढ़त दर्ज करने में सफल रहे।


