मुंबई: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मिश्रित संकेतों के साथ हुई। पिछले चार सत्रों की लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वहीं, सेबी के नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) ढांचे के लागू होने के बाद भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 78,639.03 के मुकाबले 79,132.97 पर खुला। कारोबार शुरू होने के कुछ समय बाद सेंसेक्स करीब 68 अंकों की बढ़त के साथ 78,707.73 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 24,774.30 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 24,703.90 पर खुला और शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ 24,600 के नीचे पहुंच गया।
नया CAS नियम क्या है?
पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा लागू किया गया नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) ढांचा बाजार बंद होने के समय कीमतों में होने वाले असामान्य उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लाया गया है। इस व्यवस्था में अंतिम चरण के खरीद और बिक्री ऑर्डरों को एक साथ प्रोसेस कर ऐसी कीमत तय की जाती है, जिस पर अधिकतम शेयरों का कारोबार संभव हो। इससे क्लोजिंग प्राइस अधिक पारदर्शी और संतुलित बनने की उम्मीद है।
किन सेक्टरों में रहा दबाव?
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में अधिकांश सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली। रियल्टी, आईटी और सीमेंट शेयरों में सबसे अधिक दबाव रहा और इन सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, अडानी पोर्ट्स और एलएंडटी के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। दूसरी ओर हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।
वैश्विक संकेतों पर बाजार की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्य पूर्व से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में हलचल बनी रही। वहीं, सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक निवेश धारणा पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों और प्रमुख आर्थिक संकेतकों के बीच निवेशक फिलहाल सतर्क रणनीति अपना रहे हैं। उनके अनुसार, यदि निफ्टी 24,500 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के ऊपर बना रहता है तो बाजार का रुझान सकारात्मक रह सकता है। वहीं 24,900 का स्तर निकट अवधि में अहम प्रतिरोध माना जा रहा है। इस स्तर के ऊपर मजबूती मिलने पर सूचकांक आगे नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि हालिया तेज बढ़त के बाद सीमित मुनाफावसूली बाजार के लिए सामान्य और संतुलित स्थिति मानी जाती है।
