मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले की घोषणा से ठीक पहले शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए. निवेशकों द्वारा नए दांव लगाने और सकारात्मक घरेलू संकेतों के चलते बाजार में यह तेजी देखी जा रही है.
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई (BSE) सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 269.93 अंक की बढ़त के साथ 74,629.94 अंक पर पहुंच गया. इसी तरह, पचास शेयरों पर आधारित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 62.4 अंक बढ़कर 23,478.95 अंक पर कारोबार कर रहा था. इससे पिछले सत्र (गुरुवार) में बाजार में मामूली बढ़त देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 13.84 अंक बढ़कर 74,360.01 और निफ्टी 10.95 अंक की बढ़त के साथ 23,416.55 अंक पर बंद हुआ था.
दिग्गज शेयरों का हाल
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की शीर्ष 30 कंपनियों में से टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इटरनल और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई और ये शीर्ष लाभार्थियों में शामिल रहे. दूसरी ओर, टाटा स्टील, ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे बाजार की बढ़त पर थोड़ा अंकुश लगा.
वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की स्थिति
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजार में 95.40 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था. अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी का रुख रहा, जहां डाउ जोंस करीब 900 अंकों के उछाल के साथ नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ. हालांकि, वॉल स्ट्रीट पर यह तेजी मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी (टेक) शेयरों से हटकर चक्रीय (साइक्लिकल) क्षेत्रों की ओर निवेशकों के झुकाव के कारण रही.
इसके विपरीत, एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी तकनीकी शेयरों में कमजोरी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण लगभग 5 प्रतिशत तक टूट गया. जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंगसेंग भी दबाव में दिखे, जबकि शंघाई का कंपोजिट सूचकांक मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था.
विशेषज्ञों की राय और विदेशी पूंजी का प्रवाह
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, “आज भारतीय बाजार के लिए हल्के सकारात्मक संकेत हैं. अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान में एआई (AI) व्यापार में कमजोरी और टेक शेयरों से रोटेशन के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह रुख टिका रहेगा या नहीं. आज बाजार का पूरा ध्यान मौद्रिक नीति और आरबीआई गवर्नर के संदेश पर रहेगा.”
वहीं, एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से शुद्ध रूप से 4,447.06 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे, जो बाजार के लिए एक चिंता का विषय है. निवेशकों को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को 5.25% पर यथावत रख सकता है, लेकिन भविष्य के विकास और मुद्रास्फीति को लेकर गवर्नर का बयान बाजार की अगली दिशा तय करेगा.


