भारत के कॉरपोरेट और वित्तीय जगत की सबसे बड़ी हलचल के तहत देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आज दोपहर 2 बजे डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है. घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों, विदेशी फंड प्रबंधकों और उद्योग विश्लेषकों के लिए यह बैठक इस साल का सबसे महत्वपूर्ण कॉरपोरेट कार्यक्रम माना जा रहा है. इस मंच से रिलायंस समूह अपने पारंपरिक ऊर्जा व्यवसाय से लेकर नए जमाने के डिजिटल, रिटेल और ग्रीन एनर्जी वर्टिकल्स के लिए अगले एक दशक का रणनीतिक रोडमैप देश के सामने पेश करेगा.
जियो आईपीओ को लेकर बढ़ी उत्सुकता
इस सालाना बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम (IPO) की बहुप्रतीक्षित घोषणा है. कंपनी प्रबंधन ने पिछले साल संकेत दिए थे कि साल 2026 की शुरुआती छमाही के भीतर जियो को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराया जा सकता है. चूंकि जून का महीना अब समाप्त होने के करीब है, इसलिए बाजार के हितधारकों को पूरी उम्मीद है कि चेयरमैन मुकेश अंबानी आज अपने संबोधन में इस मेगा आईपीओ की सटीक तारीख और मूल्य-अनलॉकिंग रणनीति का खुलासा करेंगे. निवेश विश्लेषकों के अनुसार, लगभग 180 अरब डॉलर के कुल मूल्यांकन वाले इस डिजिटल वेंचर का आईपीओ आकार करीब 4 अरब डॉलर (लगभग ₹35,000 करोड़) का रहने का अनुमान है, जो भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े इश्यू में से एक होगा.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव
रिलायंस अब तेजी से खुद को सिर्फ एक टेलीकॉम ऑपरेटर से बदलकर एक शुद्ध डीप-टेक दिग्गज के रूप में स्थापित कर रहा है. गुजरात के जामनगर में वैश्विक सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा’ (Meta) के साथ साझेदारी में बनाया जा रहा 168 मेगावाट क्षमता का एआई डेटा सेंटर इसी अत्याधुनिक सोच का परिणाम है. इस बैठक में कंपनी यह स्पष्ट कर सकती है कि वह क्लाउड कंप्यूटिंग, एडवांस एआई टूल्स और डेटा एनालिटिक्स को अपने देशव्यापी रिटेल व जियो नेटवर्क के साथ किस प्रकार एकीकृत करेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर डिजिटल सेवाएं मिल सकें.
रिलायंस रिटेल की स्वतंत्र लिस्टिंग और क्लीन एनर्जी के भावी लक्ष्य
जियो के अलावा, रिलायंस रिटेल की स्वतंत्र लिस्टिंग की मांग भी दलाल स्ट्रीट पर लंबे समय से हो रही है. रिटेल क्षेत्र में लगातार आ रहे शानदार तिमाही नतीजों को देखते हुए इस मोर्चे पर होने वाली कोई भी प्रगति रिपोर्ट रिलायंस के शेयरों में नई तेजी ला सकती है. इसके साथ ही, हरित ऊर्जा क्षेत्र में जामनगर के गीगा कॉम्प्लेक्स में चल रहे कार्यों की समीक्षा भी प्रस्तुत की जाएगी. कंपनी का लक्ष्य साल 2026 के अंत तक सोलर पैनल, उन्नत बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करना है. वित्तीय लक्ष्यों की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 तक अपने परिचालन लाभ को दोगुना करने का जो महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, उसे हासिल करने के लिए अपनी निवेश प्राथमिकताओं को भी साझा किया जाएगा.


