वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. बिकवाली के दबाव के चलते सोने का भाव 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि चांदी भी 2.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पास कारोबार करती नजर आई.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त वायदा सोने की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ 1,44,180 रुपये पर हुई थी, जो पिछले बंद भाव 1,44,162 रुपये से थोड़ा ऊपर था. हालांकि, बाजार खुलते ही मुनाफावसूली और बिकवाली हावी हो गई. सुबह करीब 10 बजे सोना 692 रुपये यानी 0.48 फीसदी की गिरावट के साथ 1,43,470 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इंट्राडे ट्रेड के दौरान सोने ने 1,43,454 रुपये का निचला स्तर छुआ.
दूसरी ओर, सितंबर वायदा चांदी की शुरुआत भी सुस्त रही. चांदी 2,23,912 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली और जल्द ही फिसलकर 2,23,174 रुपये पर आ गई, जो 298 रुपये या 0.13 फीसदी की गिरावट को दर्शाती है. कारोबार के दौरान चांदी ने 2,22,641 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर छुआ. अंतर्राष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी मंदी रही, जहां सोना 0.41 प्रतिशत गिरकर 4,078 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गई.
देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में टैक्स (जैसे GST) और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर होता है. आज सुबह 11:00 बजे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के आधार पर जारी किए गए आपके शहरों के ताजा भाव इस प्रकार हैं:
आपके मुख्य शहरों में आज सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रखने की आशंकाओं से निवेशक सतर्क हैं. मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है. इसके अलावा, सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षित-निवेश (Safe-Haven) के रूप में सोने को मिलने वाला समर्थन भी सीमित रहा है. हॉर्मुज जलडमरू मध्य के पास जहाजों पर हुए ताजा हमलों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है.
इस बीच, मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे की मजबूती के साथ 94.35 पर खुला. इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत बढ़कर 72.78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 71 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, निवेशकों की नजर अब इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और रोजगार के आंकड़ों पर टिकी है, जो बाजार को अगली दिशा देंगे.


