मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी मजबूत
कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स करीब 363 अंक की बढ़त के साथ 77,550 के आसपास पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी लगभग 100 अंक चढ़कर 24,176 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस मजबूती से निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा।
आईटी और ऑटो सेक्टर ने दिखाई मजबूती
सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो सबसे अधिक तेजी आईटी कंपनियों के शेयरों में रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक मजबूत हुआ। इसके अलावा ऑटो और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस तथा पीएसयू बैंक सूचकांक भी सीमित बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।
दूसरी ओर, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर दबाव में रहे। इन क्षेत्रों के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का असर दिखाई दिया। विप्रो, हिंडाल्को, सिप्ला, एटरनल, नेस्ले इंडिया, मैक्स हेल्थकेयर, सन फार्मा, आईटीसी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल घरेलू शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। रुपये की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताएं बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार खरीदारी और निफ्टी के लिए 24,000–24,100 का तकनीकी समर्थन बाजार को स्थिरता प्रदान कर सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 1.48 प्रतिशत बढ़कर 85.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड भी करीब 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा।
वैश्विक बाजारों में दबाव
एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को कमजोरी का माहौल रहा। जापान का निक्केई चार प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया, जबकि हैंगसेंग और शंघाई कंपोजिट भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान एसएंडपी 500 और नैस्डैक नकारात्मक स्तर पर बंद हुए थे, जिसका असर वैश्विक निवेशक धारणा पर देखा जा रहा है।


