Tuesday, May 5, 2026

वेदांता 1 मई 2026 से पांच स्वतंत्र लिस्टेड कंपनियों में विभाजित होगा, शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में चार नए व्यवसायों के शेयर मिलेंगे

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नई दिल्ली: खनन और संसाधन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने ऐतिहासिक डिमर्जर (विभाजन) को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली इस कंपनी के बोर्ड ने 1 मई 2026 को इस पुनर्गठन प्रक्रिया के लिए ‘प्रभावी तिथि’ और ‘रिकॉर्ड तिथि’ के रूप में मंजूरी दे दी है.

इस फैसले के बाद वेदांता समूह अब पांच अलग-अलग लिस्टेड संस्थाओं में बंट जाएगा. कंपनी का मानना है कि इस कदम से न केवल व्यापारिक संरचना सरल होगी, बल्कि वैश्विक निवेशकों के लिए सीधे तौर पर विशिष्ट क्षेत्रों में निवेश करने के द्वार भी खुलेंगे.

शेयरधारकों को क्या मिलेगा? (1:1 का अनुपात)
डिमर्जर की योजना के अनुसार, रिकॉर्ड तिथि (1 मई 2026) तक वेदांता लिमिटेड के शेयर रखने वाले निवेशकों को प्रत्येक 1 शेयर के बदले 4 नई कंपनियों के 1-1 शेयर मिलेंगे.

  • वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (VAML): इसमें एल्युमीनियम का पूरा कारोबार और बाल्को (BALCO) की हिस्सेदारी शामिल होगी.
  • वेदांता पावर लिमिटेड: यह तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) का नया नाम होगा.
  • वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड: यह माल्को एनर्जी लिमिटेड (MEL) का नया नाम होगा.
  • वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL): इसमें लोहा और स्टील सेक्टर के मुख्य एसेट होंगे.
  • वेदांता लिमिटेड (पुरानी कंपनी): विभाजन के बाद इस मूल कंपनी में मुख्य रूप से जिंक, लेड, सिल्वर और कॉपर का कारोबार बचेगा.

बाजार कैलेंडर और समय सीमा
1 मई 2026 को महाराष्ट्र दिवस के कारण शेयर बाजार बंद रहेगा. इसलिए, जो निवेशक इस डिमर्जर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें 29 अप्रैल 2026 तक शेयर खरीदने होंगे. 30 अप्रैल को शेयर ‘एक्स-डिमर्जर’ भाव पर ट्रेड करेगा. नई कंपनियों की लिस्टिंग रिकॉर्ड डेट के लगभग 4 से 8 सप्ताह के भीतर होने की उम्मीद है.

डिमर्जर के पीछे का उद्देश्य
वेदांता का कहना है कि यह कदम ‘प्योर-प्ले’ कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है. वर्तमान में वेदांता एक विशाल समूह है जिसमें तेल, गैस, बिजली, लोहा और एल्युमीनियम सब एक साथ हैं. अलग होने के बाद, प्रत्येक कंपनी अपने स्वतंत्र रणनीतिक एजेंडे पर काम कर सकेगी. इससे सॉवरेन वेल्थ फंड और रिटेल निवेशकों को उन क्षेत्रों में निवेश करने का मौका मिलेगा जहां वे भविष्य की विकास संभावना देखते हैं.

कर्ज और अन्य बदलाव
इस प्रक्रिया के तहत, एल्युमीनियम व्यवसाय से जुड़े नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर को भी वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड में ट्रांसफर किया जाएगा. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे कर्ज के बोझ को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी.

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