हेल्थ डेस्क: लिवर शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो विषैले तत्वों को बाहर निकालने, भोजन के पाचन में मदद करने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने और रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखने जैसे कई जरूरी कार्य करता है। इसके बावजूद अधिकांश लोग लिवर की सेहत पर तब तक ध्यान नहीं देते, जब तक समस्या गंभीर न हो जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर से जुड़ी कई बीमारियां शुरुआती दौर में बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित होती हैं। हालांकि शरीर कुछ ऐसे संकेत जरूर देता है, जिन्हें समय रहते पहचानकर डॉक्टर से परामर्श लेने पर गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
लगातार थकान महसूस होना
यदि पर्याप्त आराम के बाद भी लंबे समय तक थकान बनी रहती है या रोजमर्रा के काम करना मुश्किल लगने लगे, तो इसे सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बनी रहने वाली थकान लिवर संबंधी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकती है।
आंखों और त्वचा का पीला पड़ना
आंखों का सफेद हिस्सा या त्वचा पीली दिखाई देना पीलिया का लक्षण हो सकता है। यह तब होता है जब शरीर में बिलिरुबिन का स्तर बढ़ जाता है और लिवर उसे सामान्य रूप से प्रोसेस नहीं कर पाता। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
भूख कम लगना
यदि लंबे समय तक भोजन करने की इच्छा कम हो जाए या लगातार भूख न लगे, तो इसे भी गंभीरता से लेना चाहिए। यह कई स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने का संकेत भी हो सकता है।
पेशाब का रंग गहरा होना
सामान्य से अधिक गहरे पीले, भूरे या चाय जैसे रंग का पेशाब केवल शरीर में पानी की कमी का ही संकेत नहीं होता। कई मामलों में यह लिवर से जुड़ी परेशानी या शरीर में बिलिरुबिन बढ़ने का संकेत भी हो सकता है।
बार-बार मतली या उल्टी
बार-बार जी मिचलाना, उल्टी आना या भोजन के तुरंत बाद बेचैनी महसूस होना भी लिवर की गड़बड़ी से जुड़ा लक्षण हो सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा।
पाचन संबंधी दिक्कतें
लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर पाचन तंत्र भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में कब्ज, अपच या पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं बार-बार होने लगती हैं।
त्वचा में खुजली या रैशेज
लगातार खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं भी लिवर की बीमारी का संकेत हो सकती हैं। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में कुछ अपशिष्ट पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिनका असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है।
अन्य संभावित संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर की समस्या होने पर पेट में दर्द, बार-बार बुखार आना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, दस्त और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि ऊपर बताए गए एक या अधिक लक्षण लगातार बने रहें या समय के साथ बढ़ने लगें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से लिवर से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में नियंत्रित किया जा सकता है।


