Wednesday, July 22, 2026

लालू यादव के ‘कुंभ फालतू है’ बयान पर PM Modi का पलटवार, बोले- राम मंदिर से चिढ़ने वाले लोग महाकुंभ को…

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नई दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ के बाद बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव ने कहा था कि कुंभ फालतू है. उनके बयान पर आज पीएम मोदी ने भागलपुर में जवाब दिया है

नई दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ में बिहार के कई लोगों की जान चली गई थी. इस घटना पर जब राजद प्रमुख लालू यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि कुंभ फालतू है. उनके इस बयान पर एनडीए नेताओं ने जमकर निशाना साधा था. इसी कड़ी में आज पीएम मोदी ने लालू यादव का नाम लिए बिना उनके बयान पर तीखा हमला बोला. पीएम ने कहा, “NDA सरकार भारत की गौरवशाली विरासत के संरक्षण और वैभवशाली भविष्य के निर्माण के लिए एक साथ काम कर रही है. लेकिन ये जो जंगलराज वाले हैं, इन्हें हमारी धरोहर से, हमारी आस्था से नफरत है. इस समय प्रयागराज में एकता का महाकुंभ चल रहा है. ये भारत की आस्था का, भारत की एकता और समरसता का सबसे बड़ा महोत्सव है. पूरे यूरोप की जितनी जनसंख्या है, उससे भी अधिक लोग इस एकता के महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं, लेकिन ये जंगलराज वाले महाकुंभ को गाली दे रहे हैं. राम मंदिर से चिड़ने वाले लोग महाकुंभ को भी कोसने का काई मौका नहीं छोड़ रहे हैं

पीएम मोदी बोले- इस धरती पर आना सौभाग्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महाकुंभ के समय में मंदराचल की इस धरती पर आना अपने आप में बड़ा सौभाग्य है. इस धरती में आस्था भी है विरासत भी है और विकसित भारत का सामर्थ्य भी है. ये शहीद तिलकामांझी की धरती है. ये सिल्क सिटी भी है. बाबा अजगैबीनाथ की इस पावन धरा में इस समय महाशिवरात्रि की भी खूब तैयारियां चल रही हैं. ऐसे पवित्र समय में मुझे पीएम किसान निधि की एक और किस्त देश के करोड़ों किसानों भेजने का सौभाग्य मिला है. हमारा भागलपुर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रुप से बहुत महत्वपूर्ण रहा है. विक्रमशिला विश्वविद्यालय के कालखंड में ये वैश्विक ज्ञान का केंद्र हुआ करता था. हम नालंदा विश्वविद्यालय के प्राचीन गौरव को आधुनिक भारत से जोड़ने का काम शुरू कर चुके हैं. नालंदा विश्वविद्यालय के बाद अब विक्रमशिला में भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है. जल्द ही केंद्र सरकार इस पर काम शुरु करने वाली है.”

मखाना बोर्ड का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बीते वर्षों में सरकार के प्रयासों से भारत का कृषि निर्यात बहुत अधिक बढ़ा है. इससे किसानों को उनकी उपज की ज्यादा कीमत मिलने लगी है। कई कृषि उत्पाद ऐसे हैं, जिनका पहली बार निर्यात शुरू हुआ है. अब बारी बिहार के मखाने की है. ये सुपर फूड है, जिसे अब दुनिया के बाजारों तक पहुंचाना है. इसलिए इस वर्ष के बजट में मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान किया गया है.”

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