Monday, May 4, 2026

लापरवाही पर होगी कार्रवाई – मिड-डे मील की गुणवत्ता पर शिक्षा विभाग ‘एक्शन मोड’ में, NGO को सख्त चेतावनी.

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गोपालगंज में मध्याह्न भोजन योजना को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

गोपालगंज। जिले में संचालित मध्याह्न भोजन योजना को लेकर शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विद्यालयों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने साफ निर्देश जारी किया है कि भोजन की क्वालिटी और स्वच्छता पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

जिले के करीब 850 विद्यालयों में एनजीओ के माध्यम से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों बच्चे इस योजना पर निर्भर रहते हैं। समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने सभी एनजीओ प्रतिनिधियों को सख्त चेतावनी दी कि मानक के अनुरूप, पौष्टिक और ताजा भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है। 

स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि कुछ विद्यालयों से भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित समय पर वितरण तथा स्वच्छता को लेकर शिकायतें मिली थीं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा विभाग ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई निश्चित है। सभी प्रखंडों में निरीक्षण टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। 

साथ ही विद्यालय प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि भोजन की गुणवत्ता की दैनिक मॉनिटरिंग रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। विभाग का मानना है कि सख्त निगरानी से विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाला भोजन और बेहतर होगा, जिससे छात्र स्वस्थ रहकर पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। 

बच्चों के पोषण से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) ब्रजेश कुमार ने कहा कि मध्याह्न भोजन बच्चों के पोषण से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। इसलिए गुणवत्ता किसी भी स्थिति में कम नहीं होने दी जाएगी। 

उन्होंने बताया कि निरीक्षण में यदि किसी एनजीओ की लापरवाही मिली तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्य है कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिले।

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