
आज शाम फिर से एक इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला शहडोल जिले में सामने आया है। जहां एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई, जिसके बाद इसकी जानकारी जीआरपी और संबंधित थाना पुलिस को दी गई। लेकिन पुलिस को पहुंचने में देरी हो गई।रेल पुलिस और स्टेशन मास्टर की जानकारी के बाद भी वैकल्पिक रेल ट्रैक बुढार स्टेशन में होने के बाद भी लाश के ऊपर से ट्रेने गुजरने के कारण परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद बुढार स्टेशन में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान स्टेशन में काफी यात्री भी मौजूद रहे, जिन्होंने रेल प्रबन्धन और रेल पुलिस की इस लापरवाही की कड़ी आलोचना करते हुए मानव संवेदनशीलता के विपरीत बताया।
जानकारी के अनुसार, कानपुर सेंट्रल से दुर्ग तक जाने वाली बेतवा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 18204 सुबह करीब छह बजकर 34 मिनट पर बुढार स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से गुजर रही थी। इस बीच उसमें सवार एक यात्री ट्रेन से नीचे पटरी पर गिर गया। इससे पहले वहाँ मौजूद अन्य यात्री उसे बचा पाते ट्रेन उसके ऊपर से गुजरते चली गई। ट्रेन आगे जाने के बाद जब लोगों ने पटरी के पास जाकर देखा तो यात्री के शरीर के तीन टुकड़े हो गए थे, जिसमें सिर और एक पैर पटरियों के बीच था, जबकि धड़ प्लेटफार्म से सटा हुआ पड़ा था। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि बेतवा एक्सप्रेस का बुढार में स्टापेज नहीं होने के कारण यात्री उतरने की हड़बड़ाहट में वहाँ गिर गया होगा।इस बीच 5 घंटे के भीतर कई ट्रेन उस शव के ऊपर से गुजरती चली गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि शव के ऊपर से कई ट्रेन गुजर रही हैं, जिसके बाद आक्रोषित परिजनों ने हंगामा शुरू किया। उसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कार्रवाई कर शव को मौके से उठवा गया है, जिसके बाद मामला शांत हुआ है। घटना बुढार रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की है। क्या है पूरा मामला :
बुढार स्टेशन के प्लेटफ़ार्म नम्बर एक में सुबह छह बजकर 34 मिनट पर यह हादसा कानपुर से दुर्ग जाने वाली बेतवा एक्सप्रेस से हुआ। मृतक रायपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाला वाक्या पेश आया। सुबह साढ़े छह बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक शव रेल ट्रैक पर ही खुला हुआ पड़ा रहा। इस बीच लाश के ऊपर से एक-एक कर तीन यात्री ट्रेन धड़ाधड़ गुजरते चली गई, जिससे शव और अधिक क्षत-विक्षत होता चला । जहां एक व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जिसके बाद इसकी जानकारी जीआरपी और संबंधित थाना पुलिस को दी गई। लेकिन पुलिस को पहुंचने में देरी हो गई।


