रांची स्थित रिम्स डेंटल कॉलेज में अब पोस्ट ग्रेजुएट स्तर की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (DCI) ने संस्थान को मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) पाठ्यक्रम के लिए 27 सीटों पर नामांकन की अनुमति दे दी है। यह सुविधा इसी शैक्षणिक सत्र से उपलब्ध होगी।
इस फैसले से झारखंड के उन बीडीएस छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें एमडीएस की पढ़ाई के लिए अब तक दूसरे राज्यों के संस्थानों का रुख करना पड़ता था। राज्य में ही पीजी डेंटल शिक्षा का विकल्प मिलने से छात्रों को समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।
ऑल इंडिया और राज्य कोटा में बांटी जाएंगी सीटें
एमडीएस की स्वीकृत 27 सीटों का बंटवारा राष्ट्रीय कोटा और राज्य कोटा के बीच किया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सीटों का विभाजन लगभग समान अनुपात में रहने की संभावना है।
संभावना है कि करीब 13 सीटें ऑल इंडिया कोटा और 14 सीटें राज्य कोटा के लिए निर्धारित की जाएंगी। हालांकि, अंतिम सीटों की स्थिति आधिकारिक सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
DCI ने जारी किया अनुमति पत्र
डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने रिम्स डेंटल कॉलेज को एमडीएस पाठ्यक्रम शुरू करने से संबंधित स्वीकृति पत्र भेज दिया है। साथ ही निरीक्षण के दौरान सामने आई कुछ कमियों को जल्द सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डीसीआई के अनुसार, दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद संस्थान का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं और तय मानकों की समीक्षा की जाएगी।
स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति पर फोकस
डीसीआई निरीक्षण में डेंटल कॉलेज में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति का मुद्दा भी सामने आया था। रिम्स प्रबंधन ने नियामक संस्था को जानकारी दी है कि प्राचार्य पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा।
एमडीएस पाठ्यक्रम की शुरुआत को रिम्स डेंटल कॉलेज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल राज्य में विशेषज्ञ डेंटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य में बेहतर दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
