Saturday, May 23, 2026

रांची विश्वविद्यालय के रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन रूक गयी है.

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रांचीः झारखंड के रांची विश्वविद्यालय के 56 सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों की पेंशन फिलहाल रोक दी गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कर्मियों द्वारा अब तक जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है.

रांची विश्वविद्यालय ने सभी पेंशनधारियों से जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की है ताकि उनकी पेंशन प्रक्रिया फिर से शुरू की जा सके. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रत्येक वर्ष पेंशनधारियों के जीवित होने की पुष्टि के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है.

यह प्रक्रिया सरकारी नियमों एवं वित्तीय पारदर्शिता को बनाए रखने के उद्देश्य से की जाती है. लेकिन इस बार 56 सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं किया. जिसके कारण उनका पेंशन भुगतान बाधित हो गया है.

रांची विश्वविद्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि संबंधित पेंशनधारियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही जीवन प्रमाण पत्र जमा होंगे, संबंधित लोगों की पेंशन तत्काल प्रभाव से बहाल कर दी जाएगी.

विश्वविद्यालय ने जागरूक एवं सक्रिय सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारियों से भी विशेष सहयोग की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि कई बुजुर्ग पेंशनधारी स्वास्थ्य, दूरी या अन्य कारणों से समय पर दस्तावेज जमा नहीं कर पाते हैं. ऐसे में जो लोग इन 56 पेंशनधारियों के संपर्क में हैं, वे उन्हें जानकारी दें और जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने में मदद करें.

इस संबंध में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान करता है और उनकी सुविधाओं को लेकर संवेदनशील है. उन्होंने कहा, जीवन प्रमाण पत्र जमा करना एक नियमित और अनिवार्य प्रक्रिया है. कई बार जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से पेंशनधारी समय पर दस्तावेज नहीं जमा कर पाते हैं.

रांची विश्वविद्यालय का उद्देश्य किसी को परेशानी में डालना नहीं, बल्कि नियमों के तहत कार्य करना है. हम सभी संबंधित पेंशनधारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द लाइफ सर्टिफिकेट जमा करें, ताकि उनकी पेंशन बिना किसी विलंब के पुनः शुरू की जा सके. विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि सभी संबंधित पेंशनधारी शीघ्र प्रक्रिया पूरी करेंगे और पेंशन भुगतान सामान्य रूप से बहाल हो जाएगा.

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