Ranchi News | 3 नवंबर 2026: राजधानी रांची में जमीन के दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन की प्रक्रिया तकनीकी समस्या के कारण प्रभावित हो गई है। Jharbhoomi पोर्टल पर जरूरी एडिट विकल्प उपलब्ध नहीं होने से MS प्लॉट से जुड़े आवेदनों का निपटारा नहीं हो पा रहा है। अकेले रांची शहर अंचल में 600 से अधिक मामले लंबित बताए जा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरुआ ने विभागीय सचिव से पांच दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है।
Jharbhoomi पोर्टल में विकल्प नहीं होने से बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, Jharbhoomi सॉफ्टवेयर से एडिट की सुविधा हटने के बाद MS प्लॉट से संबंधित दाखिल-खारिज के आवेदन अटक गए हैं। रांची शहर अंचल के अलावा जिले के कई अन्य अंचलों में भी इस समस्या की शिकायत सामने आई है।
पोर्टल पर आवश्यक विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण अंचल कार्यालयों के कर्मचारी इन आवेदनों का निष्पादन नहीं कर पा रहे हैं। इससे जमीन की खरीद-बिक्री के बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर अंचल में 600 से ज्यादा आवेदन लंबित
सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामी का असर दाखिल-खारिज के काम पर साफ दिखाई दे रहा है। रांची शहर अंचल में ही 600 से अधिक मामले लंबित हैं।
अंचल कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि जब तक पोर्टल पर जरूरी एडिट विकल्प दोबारा उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक MS प्लॉट से जुड़े कई मामलों का निपटारा करना मुश्किल है।
डीसी के माध्यम से विभाग को भेजी गई शिकायत
इस तकनीकी समस्या को लेकर जिले के कई अंचल अधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को जानकारी दी है। अधिकारियों ने पोर्टल में जरूरी बदलाव करने और एडिट की सुविधा फिर से शुरू करने का अनुरोध किया है।
उनका मानना है कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद ही लंबित आवेदनों का निपटारा तेजी से किया जा सकेगा।
पीएमयू को लेकर मंत्री दीपक बिरुआ ने मांगा जवाब
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि पीएमयू के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने मामले को लेकर विभागीय सचिव से बातचीत की है और पांच दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा है।
मंत्री के अनुसार, जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लंबित दाखिल-खारिज मामलों के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश भी दिया है।
आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद
जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से आवेदकों को अपने काम के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। अब विभागीय सचिव के जवाब और पोर्टल में तकनीकी सुधार पर लोगों की नजर रहेगी।
यदि Jharbhoomi पोर्टल की समस्या जल्द दूर होती है, तो लंबित आवेदनों के निपटारे का रास्ता साफ हो सकता है।
Bharat Superfast News | Ranchi Desk
