सिमडेगा, 4 नवंबर 2026: केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विधानसभा परिसर में लोकलेखा समिति का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें झारखंड विधानसभा की लोकलेखा समिति के सभापति विधायक मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी, समीर मोहंती, जगत माझी और झारखंड लोकलेखा समिति के सचिव अनूप कुमार लाल शामिल थे।
ओम बिरला सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि हुए शामिल
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल हुए। इसके अलावा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लोकसभा की लोकलेखा समिति के सभापति एवं सांसद केसी वेणुगोपाल, केरलम विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और विधानसभा उपाध्यक्ष शानिमोल उस्मान ने भी भाग लिया।
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोकलेखा समितियों के सभापति और सदस्य भी सम्मेलन में मौजूद रहे।
सरकारी खर्च में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर चर्चा
सम्मेलन में लोकलेखा समिति की भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जनता के टैक्स से प्राप्त धन और सरकारी संस्थाओं के खर्च का हिसाब रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण दायित्व है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) समय-समय पर सरकारी विभागों और संस्थाओं का ऑडिट करते हैं। ऑडिट के दौरान सामने आने वाली आपत्तियों की समीक्षा करना और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया में लोकलेखा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लोकलेखा समितियों का काम महत्वपूर्ण है।
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