Sunday, August 23, 2026

रांची में अपराध नियंत्रण को लेकर SSP सख्त, 60-90 दिनों में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश.

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रांची: जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर रांची पुलिस ने निगरानी और कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को रांची पुलिस कार्यालय में एसएसपी राकेश रंजन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों की जांच, यातायात व्यवस्था और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

बैठक में सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, डीएसपी, थाना प्रभारी और यातायात विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि अपराध पर अंकुश लगाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जांच में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया जाए।

60 से 90 दिनों में जांच पूरी करने पर जोर

एसएसपी ने अनुसंधान अधिकारियों को मामलों की जांच तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के अनुसार 60 से 90 दिनों के भीतर अनुसंधान पूरा कर चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में काम किया जाए। गुणवत्तापूर्ण जांच के साथ साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।

जेल से छूटे और आदतन अपराधियों की निगरानी

बैठक में जेल से बाहर आए अपराधियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से गंभीर अपराध, एनडीपीएस और एक से अधिक मामलों में आरोपी रहे लोगों को चिन्हित कर नियमानुसार निगरानी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया।

थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्ती की निगरानी स्वयं करने और पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया। क्यूआर कोड आधारित पेट्रोलिंग को भी बेहतर तरीके से लागू करने पर चर्चा हुई।

पीड़ितों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई

एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों से आम लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी व्यक्ति को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अनावश्यक रूप से थाने का चक्कर न लगाना पड़े। शिकायत मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

गुमशुदा लोगों और बच्चों की तलाश के लिए अभियान

बैठक में गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। भूमि विवाद से संबंधित मामलों की गंभीरता से जांच कर उनके शीघ्र निष्पादन को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।

साइबर और मोबाइल चोरी के मामलों पर भी फोकस

आईटी एक्ट से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, CEIR पोर्टल का इस्तेमाल कर गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने और बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।

जब्त सामान और वाहनों से संबंधित मालखाना मामलों में भी अदालती प्रक्रिया पूरी कर लंबित वस्तुओं के निस्तारण पर जोर दिया गया।

चोरी, हथियार और नशे से जुड़े अपराधों पर सख्ती

पुलिस अधिकारियों को चोरी, चेन स्नैचिंग, अवैध हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया। जेल से बाहर आए आदतन अपराधियों, खासकर गंभीर अपराधों से जुड़े आरोपियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने को कहा गया।

ई-साक्ष्य के इस्तेमाल पर जोर

बैठक में ई-साक्ष्य ऐप के प्रभावी इस्तेमाल को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से एकत्र कर अपलोड करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा चरित्र प्रमाण पत्र और पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े आवेदनों का निर्धारित समय में निपटारा करने का निर्देश दिया गया। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

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