रांची: सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रांची ट्रैफिक पुलिस 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक सात दिवसीय सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान चलाएगी। अभियान के दौरान हर दिन अलग-अलग सड़क सुरक्षा संदेश के जरिए वाहन चालकों और आम लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अभियान की थीम ‘सुरक्षित सफर, सुखद कल’ रखी गई है। इसमें हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल फोन के इस्तेमाल, तेज रफ्तार, ट्रैफिक सिग्नल, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और नशे की हालत में वाहन चलाने जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
28 सितंबर: हेलमेट पहनें, जीवन बचाएं
अभियान के पहले दिन दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले यात्रियों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, हेलमेट सड़क दुर्घटना की स्थिति में सिर की चोट से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है।
29 सितंबर: सीट बेल्ट का करें इस्तेमाल
दूसरे दिन कार और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जाएगा। वाहन में बैठते ही सीट बेल्ट लगाने और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश दिया जाएगा।
30 सितंबर: ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से दूरी
तीसरे दिन वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले जोखिमों को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी। ट्रैफिक पुलिस लोगों से वाहन चलाते समय फोन पर बात करने, मैसेज करने या सोशल मीडिया देखने से बचने की अपील करेगी।
1 अक्टूबर: तेज रफ्तार से बचने का संदेश
चौथे दिन निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने पर जोर दिया जाएगा। अभियान के पोस्टर में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा का संदेश दिया गया है। पुलिस के अनुसार, तेज गति से वाहन चलाने पर दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।
2 अक्टूबर: ट्रैफिक सिग्नल का करें पालन
पांचवें दिन लाल बत्ती समेत सभी ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। वाहन चालकों से सिग्नल पर रुकने, अपनी बारी का इंतजार करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की जाएगी।
3 अक्टूबर: पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर जोर
छठे दिन पैदल यात्रियों की सुरक्षा अभियान का प्रमुख विषय रहेगा। स्कूल जोन और जेब्रा क्रॉसिंग के आसपास वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने, पैदल यात्रियों को रास्ता देने और स्कूल-कॉलेज क्षेत्रों में धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की जाएगी।
4 अक्टूबर: नशे में वाहन चलाने से बचें
अभियान के अंतिम दिन शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस का संदेश है कि नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक के साथ सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
सड़क सुरक्षा के पांच प्रमुख नियम
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस पांच प्रमुख सुरक्षा नियमों पर भी जोर देगी। इनमें धीमी और सुरक्षित गति से वाहन चलाना, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना, हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना शामिल हैं।
इसके अलावा वाहन चालकों से लेन अनुशासन बनाए रखने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और पैदल यात्रियों समेत अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की जाएगी।
सिर्फ चालान नहीं, व्यवहार में बदलाव पर जोर
सात दिवसीय अभियान के जरिए ट्रैफिक पुलिस लोगों के सड़क पर व्यवहार में सुरक्षित बदलाव लाने पर जोर देगी। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वाहन चालक, यात्री और पैदल यात्री सभी की साझा जिम्मेदारी है।
