Tuesday, May 12, 2026

रांची के जनता दरबार में जमीन, म्यूटेशन और अतिक्रमण जैसे मामलों में अधिकारियों की लापरवाही पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया.

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रांची: जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के जनता दरबार में एक ओर संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर जमीन, म्यूटेशन और अतिक्रमण जैसे मामलों में अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख भी नजर आया. जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की समस्याओं को सुनते हुए उपायुक्त ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए.

समस्याओं का तुरंत समाधान

जनता दरबार का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब रांची निवासी दिव्यांग शाहनवाज आलम अपनी समस्या लेकर पहुंचे. पैरों से चलने में असमर्थ शाहनवाज ने दैनिक जीवन में हो रही परेशानियों की जानकारी उपायुक्त को दी. मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल उनके दस्तावेजों की जांच करायी और कुछ ही देर में उन्हें इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी.

उपायुक्त खुद शाहनवाज को ट्राईसाइकिल तक लेकर गए और कार्यालय परिसर से बाहर तक छोड़ा. नई ट्राईसाइकिल मिलने के बाद शाहनवाज के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी.

अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने की चेतावनी

जनता दरबार में भूमि संबंधी शिकायतें भी प्रमुखता से उठीं. अनगड़ा निवासी सेवाराम महतो ने जमीन म्यूटेशन में गड़बड़ी की शिकायत की. जांच में दस्तावेजों को नजरअंदाज कर एक व्यक्ति के नाम पर म्यूटेशन किए जाने की बात सामने आने पर उपायुक्त ने संबंधित तत्कालीन कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया. उन्होंने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए अंचल अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने की चेतावनी दी.

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन सख्त

सोनाहातू से आए एक आवेदक ने प्लॉट सुधार के लंबित मामले की शिकायत की. इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को फटकार लगाते हुए एक माह के भीतर सभी लंबित मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया. साथ ही समयसीमा का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी. मांडर क्षेत्र से कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे की शिकायत भी जनता दरबार में पहुंची.

मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जांच के आदेश दिए और स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अनियमित मानदेय भुगतान और पोषाहार राशि में गड़बड़ी की शिकायत की, जिस पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए. भूमि अधिग्रहण के लंबित मुआवजा भुगतान मामलों में भी उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को एनएचएआई से समन्वय बनाकर जल्द भुगतान सुनिश्चित करने को कहा.

पारदर्शी समाधान प्रशासन की प्राथमिकताः डीसी

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच कोई दूरी नहीं होनी चाहिए. आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है.

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