रक्सौल हवाई अड्डा के विस्तार के लिए 139 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन की प्रारंभिक रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिल गई है। भू-स्वामियों की समस्याओं को सुनने के लिए 14 जून को सार्वजनिक सुनवाई होगी जिसमें एएन सिन्हा सामाजिक संस्थान की टीम रैयतों से बात करेगी। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने सभी से उपस्थित रहने की अपील की है।
मोतिहारी। रक्सौल हवाई अड्डा के भूमि अधिग्रहण के लिए चल रहे सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन की प्रारंभिक रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। एएन सिन्हा सामाजिक संस्थान पटना की टीम प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद अब सार्वजनिक सुनवाई कर भू-स्वामियों की समस्याओं से अवगत होगी।Play Videoइसके लिए तिथि का निर्धारण कर दिया गया है। बताया गया कि 14 जून को रक्सौल हवाई अड्डा भवन में शाम तीन बजे एसआइए टीम रैयतों के साथ सीधी बात कर उनकी समस्याओं को अपनी रिपोर्ट में दर्ज करेंगे। साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान का भी उल्लेख करेगी।जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गणेश कुमार ने सभी रैयतों से तय तिथि व समय पर पहुंचकर अपनी बात रखने की अपील की है।
बताया गया कि रक्सौल हवाई अड्डा के तीसरा विस्तारिकरण योजना के तहत 139 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसको लेकर एनएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान पटना को सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।बताया गया कि रक्सौल के मौजा भरतही थाना नंबर 1 रकबा 7.50 एकड़, मौजा एकडेरवा थाना नंबर 3 रकबा 23.20 एकड़, मौजा सिंहपुर थाना नंबर 4 रकबा 12.50 एकड़, मौजा चिकनी थाना नंबर 12 रकबा 4.55 एकड़, मौजा चंदुली, थाना नंबर 13 रकबा 48.34 एकड़, मौजा सिसवा थाना नंबर 14 रकबा 42.91 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।जिला भू-अर्जन कार्यालय ने संबंधित अंचल निरीक्षक व हल्का कर्मचारी को लोक सुनवाई के समय एसआईए टीम की सहायता के लिए उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया गया है।


