Wednesday, June 24, 2026

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग में 262 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे.

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय, प्रोजेक्ट भवन के सभागार में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों के लिए चयनित 262 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ईमानदारी से काम करने और आम जनता के पैसे से मिलने वाली सैलरी का सदुपयोग करने की सीख दी.

  • जिन 262 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, उनमें JPSC के माध्यम से स्थायी नियुक्ति प्राप्त करने वाले 56 खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (Food Safety Officer), अनुबंध पर नियुक्त होने वाले 151 विशेषज्ञ चिकित्सक, 29 सीनियर हॉस्पिटल मैनेजर और 26 फाइनेंस मैनेजर शामिल हैं.
  • नियुक्ति पत्र वितरण के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज की सभी नियुक्तियां महत्वपूर्ण पदों पर हुई हैं. हॉस्पिटल मैनेजर और फाइनेंस मैनेजर की भूमिका भी डॉक्टरों जितनी बड़ी है. सरकारी अस्पतालों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, ऐसे में आज नियुक्त हुए अधिकारी अब सरकार के अंग हैं. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “इस बात को जरूर जेहन में रखिएगा कि जो भी वेतन आपको, हमको मिलता है, वह आम आदमी से ही लिया हुआ पैसा है. इसलिए जिस काम के लिए नियुक्ति हुई है, उस काम को पूरी ईमानदारी से करें.”
  • उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि समेत हर विभाग में नियुक्तियां की जा रही हैं और कई प्रक्रियाएं चल रही हैं. डॉक्टरों को भगवान का रूप मानने वाले लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की जिम्मेदारी अब इन नए अधिकारियों पर है. सीमित संसाधनों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महानगरों जैसी चकाचौंध वाली व्यवस्था बनाने में समय लगेगा, लेकिन सीमित संसाधनों में बेहतर कैसे किया जाए, इस पर सोचना होगा. उन्होंने देश के बेहतर संस्थानों में नए अधिकारियों को ट्रेनिंग भेजने का भी निर्देश दिया.
  • कोरोना काल का जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि महामारी के दौरान सिर्फ बचाव ही इलाज था. सरकार बजट का 60% सैलरी पर खर्च करती है, इसलिए आम आदमी के प्रति जिम्मेदारी का अहसास रखना चाहिए.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, “जब तक झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह सशक्त और व्यवस्थित नहीं हो जाती, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे.” डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि वर्षों से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों को आकर्षित करने के लिए फाइनेंशियल बिडिंग मॉडल अपनाया गया, जिसे अभूतपूर्व सफलता मिली है. देश के विभिन्न हिस्सों से चिकित्सक झारखंड में सेवा देने के लिए आगे आए हैं.

उन्होंने 56 फूड सेफ्टी ऑफिसरों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे खाद्य पदार्थों में मिलावट पर नकेल कसी जा सकेगी. 29 सीनियर हॉस्पिटल मैनेजर अस्पताल प्रबंधन को प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएंगे.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग में लगभग 13 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. JPSC के माध्यम से 1200 डॉक्टर्स और JSSC के माध्यम से 7500 ANM-GNM की नियुक्ति की जाएगी. MBBS और PG सीटों में बढ़ोतरी की गई है. RIMS-2 की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में 4000 हेल्थ सब-सेंटर, 303 प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 188 CHC को दुरुस्त किया जाएगा. 108 एंबुलेंस सेवा के लिए SOP बनाया जाएगा. डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “अगर दिशोम गुरु नहीं होते तो आज हम इस मंच पर नहीं होते.” उन्होंने बाबा सोरेन के सपनों को पूरा करने की बात कही.

  • अपर मुख्य सचिव एके सिंह ने पिछले दो वर्षों में हुई नियुक्तियों का आंकड़ा देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1042 और 2025-26 में 331 नियुक्तियां NHM और विभाग के माध्यम से हो चुकी हैं. उन्होंने फूड सेफ्टी अफसरों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. 151 अनुबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों को IPH स्टैंडर्ड के अनुसार इलाज सुनिश्चित करने को कहा. अस्पतालों को अनटाइड फंड का प्रावधान (जिला अस्पताल को 75 लाख, अनुमंडल को 50 लाख, CHC को 25 लाख, PHC को 10 लाख प्रतिवर्ष) की जानकारी दी. दूरदराज के क्षेत्रों में प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी.
Appointment letters to candidates

नियुक्त अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया

नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों के चेहरे खुशी से चमक रहे थे. जमशेदपुर में फूड सेफ्टी अफसर बने भोलाशंकर ने बताया कि 2016 में JPSC प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो आज पूरी हुई. इस दौरान उन्हें सर्वोच्च न्यायालय तक जाना पड़ा. गढ़वा सदर अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ बनी दिव्यांग डॉक्टर अंजनी बारा ने नियुक्ति पत्र लेते हुए भावुक होकर आंसू रोए. बिहार से आई डॉक्टर नैना ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को धन्यवाद दिया.

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