नई दिल्ली: मानसून के मौसम में नमी बढ़ने के कारण घरों में रखे आलू जल्दी अंकुरित होने लगते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या अंकुर निकलने के बाद भी आलू का सेवन सुरक्षित रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब आलू की स्थिति पर निर्भर करता है।
क्या अंकुरित आलू खाना चाहिए?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आलू में केवल एक-दो छोटे अंकुर निकले हों और आलू सख्त हो, तो अंकुर और उसके आसपास का हिस्सा हटाकर उसका उपयोग किया जा सकता है। लेकिन यदि आलू में कई बड़े अंकुर निकल आए हों, उसका रंग हरा पड़ गया हो या वह नरम और सिकुड़ा हुआ दिखाई दे, तो उसे खाने से बचना चाहिए।
ऐसे आलू में सोलानिन (Solanine) और चैकोनिन (Chaconine) जैसे प्राकृतिक विषैले यौगिकों की मात्रा बढ़ सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं।
अंकुर निकलने पर आलू में क्या बदलाव होते हैं?
अंकुरित होना आलू की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इस दौरान आलू अपनी जमा ऊर्जा और पोषक तत्वों का उपयोग नई वृद्धि के लिए करने लगता है। इससे उसमें मौजूद स्टार्च धीरे-धीरे शुगर में बदलने लगता है, नमी कम होती है और आलू मुलायम या झुर्रीदार हो सकता है। इसी प्रक्रिया में ग्लाइकोएल्कलॉइड्स नामक यौगिकों का स्तर भी बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार अधिक मात्रा में विषैले यौगिक वाले आलू खाने से कुछ घंटों के भीतर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे—
- मतली और उल्टी
- दस्त
- पेट दर्द
- सिरदर्द
- चक्कर आना
गंभीर मामलों में भ्रम की स्थिति, बुखार, अत्यधिक उनींदापन, हृदय गति में बदलाव और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि आलू खाने के बाद ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
डायबिटीज के मरीज क्यों रहें सतर्क?
अंकुरित होने के दौरान आलू का स्टार्च शुगर में बदलने लगता है, जिससे उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ सकता है। यही कारण है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों को ऐसे आलू खाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे रक्त शर्करा तेजी से बढ़ सकती है।
क्या आलू फ्रिज में रखना सही है?
विशेषज्ञ आमतौर पर कच्चे आलू को रेफ्रिजरेटर में रखने की सलाह नहीं देते। कम तापमान के कारण आलू का स्टार्च तेजी से शुगर में बदल सकता है। बाद में तेज तापमान पर पकाने पर एक्रिलामाइड नामक यौगिक बनने की संभावना बढ़ जाती है, जिसे स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
आलू को सुरक्षित रखने का सही तरीका
आलू को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इन्हें ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें। साथ ही आलू को प्याज के साथ रखने से बचें, क्योंकि इससे अंकुर निकलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?
निम्नलिखित लोगों को अधिक अंकुरित, हरे या खराब हो चुके आलू का सेवन करने से बचना चाहिए—
- छोटे बच्चे
- बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आलू की गुणवत्ता संदिग्ध लगे या उसमें अधिक अंकुर और हरापन दिखाई दे, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय त्याग देना ही सुरक्षित विकल्प है।
