रांची: झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गुरुवार को नेपाल हाउस सचिवालय में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।
बैठक में मंत्री ने मधुमक्खी पालन योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक समर्पित वेबसाइट विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर लाभुक किसानों का विवरण, उनकी सफलता की कहानियां और योजना से जुड़े सकारात्मक परिणाम साझा किए जाएं। साथ ही, शहद और अन्य मधु उत्पादों की बेहतर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए मजबूत मार्केट लिंकेज विकसित करने पर भी जोर दिया।
मंत्री ने हाईटेक नर्सरी सह उद्यानिकी पार्क की स्थापना से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलुरु से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) प्राप्त कर आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने को कहा।
बैठक में गोधन न्याय योजना के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश भी दिया गया। मंत्री ने कहा कि उद्यानिकी आधारित खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
इस दौरान रांची के नगड़ी में फल और सब्जियों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण तथा विपणन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मॉडल एकीकृत पैकहाउस एवं कृषि प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी गई। इस परियोजना का संचालन आईसीएआर-एनआईएसए, नामकुम के माध्यम से किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस केंद्र के शुरू होने से किसानों को वैज्ञानिक भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
समीक्षा बैठक में उद्यान विकास योजनाओं के लिए क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि उद्यान निदेशालय के सभी सहायक निदेशकों को अलग-अलग प्रमंडलों की जिम्मेदारी देकर योजनाओं की नियमित निगरानी और क्षेत्रीय निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभ समय पर किसानों तक पहुंच सके।
बैठक के अंत में शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य झारखंड के उद्यानिकी क्षेत्र को तकनीक-संपन्न, आत्मनिर्भर और किसान-केंद्रित बनाना है। उन्होंने कहा कि उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक मजबूत व्यवस्था विकसित कर किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
