नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच करीब छह साल से बंद सीधी हवाई सेवा अब दोबारा शुरू होने जा रही है। चीन की प्रमुख विमानन कंपनी चाइना सदर्न एयरलाइंस 21 सितंबर 2026 से गुआंगझू और नई दिल्ली के बीच नियमित उड़ानों का संचालन फिर शुरू करेगी। कोरोना महामारी और गलवान घाटी की घटना के बाद दोनों देशों के बीच विमान सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित रही थीं।
कंपनी की इस पहल को दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों, कारोबारियों और पर्यटन क्षेत्र को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
हर सप्ताह कई उड़ानों का संचालन
चाइना सदर्न एयरलाइंस की योजना आठ राउंड-ट्रिप रूटों पर हर सप्ताह 100 से ज्यादा उड़ानें संचालित करने की है। गुआंगझू-दिल्ली सेवा शुरू होने से भारत और चीन के बीच सीधे हवाई सफर के विकल्प बढ़ेंगे।
सीधी उड़ान उपलब्ध होने से यात्रियों को दूसरे देशों के एयरपोर्ट पर ट्रांजिट की जरूरत कम होगी। इससे यात्रा का समय और अतिरिक्त खर्च दोनों घट सकते हैं।
BRICS सम्मेलन के दौरान बड़ा घटनाक्रम
उड़ान सेवा बहाल करने का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
करीब सात साल बाद शी जिनपिंग का यह भारत दौरा हो रहा है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय बातचीत की भी संभावना है। ऐसे में सीधी विमान सेवा की बहाली को दोनों देशों के संबंधों में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
गलवान के बाद प्रभावित हुए थे संबंध
साल 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सीधी उड़ान सेवाएं भी लंबे समय तक बंद रहीं।
भारत की ओर से लगातार यह रुख रखा गया है कि दोनों देशों के संबंधों में स्थायी सुधार के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जरूरी है। ऐसे में डायरेक्ट एयर कनेक्टिविटी की बहाली को व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एयर इंडिया और इंडिगो पहले ही शुरू कर चुकी हैं सेवाएं
भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों की बहाली की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। कई एयरलाइंस ने इस साल अलग-अलग रूट पर सेवाएं दोबारा शुरू की हैं।
- एयर इंडिया: फरवरी 2026 में नई दिल्ली और चीन के बीच अपनी उड़ान सेवा फिर शुरू की।
- इंडिगो: 30 मार्च से कोलकाता-शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ान शुरू की। इससे पहले दिल्ली-गुआंगझू रूट पर भी सीधी सेवा शुरू की गई थी।
- चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस: 18 अप्रैल से कुनमिंग-कोलकाता रूट पर उड़ानें बहाल कीं।
- एयर चाइना: अप्रैल में बीजिंग-दिल्ली के बीच हवाई सेवा दोबारा शुरू की।
व्यापार और पर्यटन को मिल सकता है फायदा
भारत और चीन एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों के बीच सीधा हवाई संपर्क बढ़ने से कारोबारी यात्राओं, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क को गति मिलने की उम्मीद है।
गुआंगझू-दिल्ली उड़ान की बहाली ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं। सीधी उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलने के साथ दोनों देशों के बीच संपर्क भी आसान हो सकता है।
