Monday, June 29, 2026

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को चंद्रमा को देखने से दोष लगता है,आइए जानते हैं चंद्रमा के दर्शन हो जाएं तो क्या करें…

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भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस वर्ष यह शुभ दिन 27 अगस्त, बुधवार को पड़ रहा है. यह पर्व भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है. इस दिन गणपति बाप्पा की मूर्ती घरों और पंडालों में स्थापना कर विधिवत पूजन किया जाता है, जिससे 11 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत होती है.

हालांकि इस पर्व से जुड़ी एक विशेष धार्मिक मान्यता भी है, जिसके अनुसार गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन वर्जित माने गए हैं. इस परंपरा का पालन करना बेहद आवश्यक समझा जाता है, क्योंकि इसे अनदेखा करने पर मिथ्या दोष यानी झूठे आरोप या अपयश का खतरा बढ़ सकता है.

जाने-माने ज्योतिषाचार्य पं. शरद त्रिपाठी के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से व्यक्ति को समाज में बदनामी या झूठे आरोपों का सामना करना पड़ सकता है. धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में इसका उल्लेख स्पष्ट रूप से मिलता है.”

क्या है चंद्र दर्शन पर रोक का कारण?
पौराणिक कथा के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा ने भगवान गणेश का उपहास किया था. उन्होंने गणेश जी की शारीरिक बनावट पर टिप्पणी की थी, जिससे क्रोधित होकर भगवान गणेश ने उन्हें शाप दिया कि “इस दिन तुम्हारा दर्शन जो करेगा, उस पर मिथ्या कलंक लगेगा.” यह मान्यता तब और प्रसिद्ध हुई जब भगवान श्रीकृष्ण को भी इस दोष का सामना करना पड़ा था. उन्होंने चंद्र दर्शन किया था, जिसके बाद उन पर स्यमंतक मणि की चोरी का आरोप लगा.

क्या करें अगर चंद्रमा दिख जाए?
यदि भूलवश चंद्र दर्शन हो जाए, तो शास्त्रों में इसके निवारण का उपाय भी बताया गया है. अगली अष्टमी तिथि को भगवान गणेश के 12 नामों का श्रद्धा से स्मरण करने से दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है.

गणेश जी के 12 नाम इस प्रकार हैं
वक्रतुंड, एकदंत, कृष्णपिंगाक्ष, गजवक्त्र, लंबोदर, विकट, विघ्नराजेन्द्र, धूम्रवर्ण, भालचंद्र, विनायक, गणपति, गजानन. इन नामों का जाप न केवल दोष निवारण करता है, बल्कि सुख, शांति और समृद्धि भी प्रदान करता है.

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