बिहार के भागलपुर का नया जीरोमाइल अब चौधरीडीह के पास बनने जा रहा है. मौजूदा जीरोमाइल से यह करीब 4.7 किलोमीटर दूर मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन क्रॉसिंग के पास बनेगा. इसके खिसकने से आसपास के जिलों की दूरी पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
बिहार के भागलपुर का नया जीरोमाइल अब चौधरीडीह के पास बनने जा रहा है. मौजूदा जीरोमाइल से यह करीब 4.7 किलोमीटर दूर मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन क्रॉसिंग के पास बनेगा. इसके खिसकने से आसपास के जिलों की दूरी पर इसका सीधा असर पड़ेगा. इस कड़ी में कहीं दूरी कम होगी तो कई प्रमुख जिलों तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबा सफर भी तय करना होगा.
कहीं बढ़ेगी तो कहीं घटेगी दूरी
इसका सबसे बड़ा फर्क पटना और पूर्णिया की दूरी पर पड़ेगा. बता दें कि पटना की वर्तमान में दूरी 251 किलोमीटर है, जो नए जीरोमाइल बनने के बाद घटकर 246 किलोमीटर रह जाएगी. इस कड़ी में पूर्णिया की दूरी पहले 83 थी जो 87 किलोमीटर हो जाएगी. इसके अलावा चौधरीडीह से कहलगांव की दूरी 35 किलोमीटर और बिहपुर की दूरी 50 किलोमीटर हो जाएगी. वहीं, नवगछिया की दूरी 20 से बढ़कर 25 किलोमीटर हो जाएगी. वहीं दूसरी तरफ बांका की दूरी पहले की अपेक्षा अब 46 किलोमीटर और गोड्डा की दूरी 60 किलोमीटर ही रह जाएगी.
बढ़ जाएगी पूर्णिया की दूरी
नए जीरोमाइल के बनने से सड़क नेटवर्क का स्वरूप भी बदल जाएगा. अभी तक एनएच-131बी भागलपुर जीरोमाइल तक ही सीमित है. इसके बाद ग्रीनफील्ड फोरलेन तक के हिस्से को बायपास माना जाता है. चौधरीडीह में जीरोमाइल शिफ्ट हो जाने के बाद यह पूरा हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा बन जाएगा. ग्रीनफील्ड फोरलेन का काम पूरा होने के बाद पुरानी सराय से चौधरीडीह तक का बायपास एनएच-80 हो जाएगा.
विभागीय प्रक्रिया जारी
मिली जानकारी के अनुसार नए जीरोमाइल को लेकर विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है. चौधरीडीह तक फोरलेन सड़क बनने के बाद भागलपुर और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी. हालांकि, कुछ जिलों की दूरी बढ़ेगी. वहीं, पटना, बांका और गोड्डा जैसे जिलों की दूरी घटने से यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा.


