पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की प्रक्रिया अब बेहद सख्त हो गई है, जिसमें प्रवेश द्वार पर कड़ी जांच और उद्देश्य पूछने के बाद ही अनुमति मिलती है।
पटना। पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) से मिलना आसान नहीं रह गया है। इन दिनों वे सात सर्कुलर रोड स्थित आवास में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद जब ने नए आवास में आए, मुलाकातियों के लिए दरवाजा खोल दिया गया था।
- नीतीश सुबह आठ-साढ़े आठ बजे के बीच हाल में बैठ जाते थे। फिर मुलाकात का सिलसिला शुरू हो जाता था। मुलाकातियों से अधिक पूछताछ नहीं होती थी।
- केवल यह जांच होती थी कि उसके पास क्षति पहुंचाने वाला कोई सामान तो नहीं है, लेकिन इसका असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे।
- पूर्व मुख्यमंत्री के सामने उल जुलूल हरकत भी करने लगे। वे किसी नेता के प्रति अपशब्दों का भी प्रयोग करने लगे। यहां तक कि विधान परिषद सदस्य ललन सर्राफ और संजय गांधी के प्रति भी नीतीश के सामने अप्रिय बोलने लगे थे।
- मुलाकातियों के कारण पूर्व मुख्यमंत्री की दिनचर्या प्रभावित होने लगी थी। कम भीड़ और वास्तविक कार्यकर्ताओं से मुलाकात की गारंटी के लिए गुरुवार से नई व्यवस्था की गई है।
- अब मुलाकातियों की प्रवेश द्वार पर सख्त जांच होती है। उनका परिचय लिया जाता है। मिलने का उद्देश्य पूछा जाता है। उसके बाद पूरा विवरण आवास के अंदर जाता है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही किसी को आवास परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
नीतीश कुमार ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर सहकारिता मंत्री का हालचाल जाना
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राजधानी स्थित मेदांता अस्पताल जाकर सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे रामकृपाल यादव का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
अस्पताल पहुंचने पर नीतीश कुमार ने उपस्थित चिकित्सकों से भी चर्चा कर रामकृपाल के उपचार एवं स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर मंत्री डॉ. अशोक चौधरी एवं बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ भी उपस्थित थे।


