Friday, September 11, 2026

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर सरकार का बड़ा स्पष्टीकरण, उच्च शिक्षा के लिए मिलते रहेंगे 4 लाख रुपये.

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पटना: बिहार के विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर चल रही चर्चाओं पर राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को पहले की तरह अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता रहेगा। सरकार के इस स्पष्टीकरण से उन छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है, जो योजना की राशि को लेकर असमंजस में थे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली 4 लाख रुपये तक की सुविधा आगे भी जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और आर्थिक कठिनाइयों को उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

2 लाख रुपये की सीमा वाले आदेश के बाद बढ़ा था भ्रम

दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 19 अगस्त को जारी एक आदेश के बाद स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की राशि को लेकर सवाल उठने लगे थे। आदेश में विद्यार्थियों को 2 लाख रुपये तक की सहायता का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई थी।

इसके बाद महंगे व्यावसायिक और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई थी। अब मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना के तहत मिलने वाली अधिकतम 4 लाख रुपये की सहायता जारी रहेगी।

2016 में शुरू हुई थी योजना

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत 2 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में सात निश्चय कार्यक्रम के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य 12वीं कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना था।

योजना के जरिए पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए 4 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलती है।

उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने पर जोर

बिहार सरकार उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक राज्य का सकल नामांकन अनुपात (GER) करीब 17.1 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 28.4 प्रतिशत बताया गया है।

सरकार का लक्ष्य राज्य में उच्च शिक्षा का नामांकन अनुपात बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। ऐसे में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं को विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहायता के महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर देखा जा रहा है।

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