Friday, September 11, 2026

फरवरी 2027 से टोल प्लाजा पर रुकने की झंझट होगी खत्म? गडकरी ने बताया सरकार का प्लान.

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मुंबई। देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों के लिए टोल भुगतान की व्यवस्था आने वाले समय में पूरी तरह बदल सकती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार फरवरी 2027 तक हाईवे पर बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके बाद वाहनों को टोल देने के लिए प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गडकरी ने यह जानकारी मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के दौरान दी। प्रस्तावित व्यवस्था में मौजूदा FASTag सिस्टम को नंबर प्लेट पहचानने वाली तकनीक यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) से जोड़ा जाएगा। इससे गुजरने वाले वाहनों की पहचान डिजिटल तरीके से की जा सकेगी और टोल भुगतान भी स्वचालित रूप से हो सकेगा।

FASTag के बाद अब अगला कदम

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में टोल कलेक्शन को डिजिटल बनाने की दिशा में FASTag महत्वपूर्ण कदम रहा है। वर्ष 2016 में FASTag की शुरुआत की गई थी, जबकि 2021 में इसे अनिवार्य किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर नकद टोल भुगतान में काफी कमी आई और संग्रह प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी।

अब सरकार का लक्ष्य टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने की जरूरत को भी खत्म करना है।

टोल प्लाजा पर इंतजार काफी घटा

गडकरी के मुताबिक FASTag लागू होने से पहले कई टोल प्लाजा पर वाहनों को करीब 12 से 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था। FASTag व्यवस्था के बाद इस प्रतीक्षा समय में लगभग 80 से 90 फीसदी तक कमी आई है।

नई तकनीक लागू होने के बाद सरकार इस बचे हुए इंतजार को भी खत्म करने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि वाहन बिना बैरियर पर रुके हाईवे पर लगातार आगे बढ़ते रहें।

FASTag और नंबर प्लेट दोनों से होगी पहचान

प्रस्तावित टोलिंग सिस्टम में वाहन की पहचान के लिए दो तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। एक तरफ FASTag से जुड़े डेटा का उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर ANPR कैमरों की मदद से वाहन की नंबर प्लेट को पढ़ा जाएगा।

मौजूदा FASTag व्यवस्था RFID तकनीक पर आधारित है। वाहन के टोल प्लाजा से गुजरने पर FASTag से जुड़े खाते से निर्धारित राशि अपने आप काट ली जाती है। ANPR को इस सिस्टम से जोड़ने पर वाहन की पहचान और टोल भुगतान की प्रक्रिया को और अधिक स्वचालित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकार को राजस्व बढ़ने की उम्मीद

गडकरी ने यह भी कहा कि FASTag और नंबर प्लेट आधारित प्रणाली को एक साथ इस्तेमाल करने से टोल कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ सकती है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था से सरकार के टोल राजस्व में सालाना करीब ₹10,000 करोड़ की वृद्धि होने की संभावना है।

अगर यह प्रणाली तय समयसीमा के अनुसार लागू होती है, तो हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने और बैरियर खुलने का इंतजार करने से काफी राहत मिल सकती है।

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