Bihar Student Credit Card: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से जुड़े निजी शिक्षण संस्थानों की अब सरकार व्यापक स्तर पर जांच कराने जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने योजना के दायरे में आने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराने का फैसला लिया है।
इसके लिए जिला स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी। जांच के दौरान संस्थानों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, भवन, जमीन और पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधनों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
30 दिसंबर तक पूरी करनी होगी जांच
शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक संबंधित जिलों में संस्थानों की स्थलीय जांच 30 दिसंबर 2026 तक पूरी करनी होगी। जांच की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को दी जाएगी।
जरूरत के अनुसार जमीन और भवन से संबंधित जानकारी रखने वाले विभागीय अधिकारियों को भी जांच समिति में शामिल किया जा सकता है। संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और मौके पर मौजूद सुविधाओं का मिलान करने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पोर्टल पर दस्तावेज जमा करने की समय सीमा
योजना से जुड़े संस्थानों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके लिए 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक की अवधि निर्धारित की गई है।
सरकार की ओर से यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में योजना से जुड़े संस्थानों की पात्रता और सुविधाओं का सत्यापन जरूरी है।
नैक ग्रेड और एनआईआरएफ पर भी जोर
शिक्षा विभाग ने संस्थानों को गुणवत्ता से जुड़े मानकों पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को नैक से कम से कम सी ग्रेड प्राप्त करने की दिशा में काम करने के लिए कहा गया है।
इसके अलावा संस्थानों को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में जगह बनाने या राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) से मान्य पाठ्यक्रम संचालित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया गया है।
जांच में किन बातों पर रहेगा फोकस?
भौतिक सत्यापन के दौरान मुख्य रूप से संस्थान की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। इसमें जमीन और भवन के अलावा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संसाधनों को देखा जाएगा।
दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और मौके पर उपलब्ध सुविधाओं के बीच किसी तरह का अंतर पाए जाने पर उसका भी उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया जा सकता है।
BPSC ने अंकेक्षक प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट किया जारी
इसी बीच बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने पंचायती राज विभाग के अंतर्गत अंकेक्षक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अब मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
कुल 1,248 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं।
सामान्य वर्ग का कटऑफ 92 अंक
अंकेक्षक प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए कटऑफ 92 अंक रहा। सफल उम्मीदवारों में अनारक्षित श्रेणी के 702, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 138, अनुसूचित जाति के 148, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 105 और पिछड़ा वर्ग के 105 अभ्यर्थी शामिल हैं।
पिछड़ा वर्ग की महिला श्रेणी से 39 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है।
दिव्यांग और स्वतंत्रता सेनानी कोटे में भी चयन
क्षैतिज आरक्षण के तहत दिव्यांग श्रेणी में कुल 35 उम्मीदवार सफल हुए हैं। वहीं, स्वतंत्रता सेनानियों के नाती-नतिनी तथा पोता-पोती के लिए निर्धारित कोटे से 20 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।
अब सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना होगा। परीक्षा से संबंधित आगे की जानकारी आयोग की ओर से जारी की जाएगी।
