बिहार सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मियों के जनवरी के वेतन-पेंशन के लिए 310.32 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें 139.86 करोड़ रुपये वेतन मद और 170.46 करोड़ रुपये गैर-वेतन मद के लिए हैं। तिलका मांझी भागलपुर और मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय को गैर-वेतन मद की राशि नहीं मिली है, जिससे हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
पटना। राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के लिए 310 करोड़ 32 लाख 75 हजार रुपये की राशि जारी की गई है।
यह राशि जनवरी के वेतनादि के लिए उपलब्ध करायी गई है। इस राशि से शिक्षकों तथा कर्मियों को वेतनादि, सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान किया जाएगा।
साथ ही, इस राशि से अल्पसंख्यक महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मियों को वेतन-पेंशन का भुगतान होगा। शिक्षा विभाग के मुताबिक 139 करोड़ 86 लाख 75 हजार रुपये की राशि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन मद की है।
शेष 170 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि गैर-वेतनादि मद की है। वेतन मद की राशि सभी 13 विश्वविद्यालयों को दी गई है, जबकि गैर-वेतनादि मद की राशि 11 विश्वविद्यालयों को ही मिली है।
दो यूनिवर्सिटी के लिए नहीं दी गई राशि
जिन दो विश्वविद्यालयों को गैर वेतनादि मद की राशि नहीं मिली है, उनमें तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एवं मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय शामिल हैं।
शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन भुगतान हेतु पटना विश्वविद्यालय को 10.58 करोड़, मगध विश्वविद्यालय को 14.67 करोड़, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को 19.75 करोड़, जयप्रकाश विश्वविद्यालय को 13.76 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय को 7.31 करोड़, बीएन मंडल विश्वविद्यालय को 7.58 करोड़, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को 11.42 करोड़, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को 18.37 करोड़, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को 5.26 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
मौलना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को 69 लाख, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को 20.85 करोड़, पूर्णिया विश्वविद्यालय को 5.23 करोड़ एवं मुंगेर विश्वविद्यालय को 4.39 करोड़ रुपये मिले हैं।
गैर वेतन मद में मगध विश्वविद्यालय को 34 करोड़ से ज्यादा
दूसरी ओर गैर-वेतन मद में पटना विश्वविद्यालय को 11.77 करोड़, मगध विश्वविद्यालय को 34.41 करोड़, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को 28.94 करोड़, जयप्रकाश विश्वविद्यालय को 10.78 करोड़, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय को 15.40 करोड़ रुपये मिले हैं।
बीएन मंडल विश्वविद्यालय को 16.18 करोड़, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को 29.66 करोड़, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को 2.17 करोड़, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को 12.92 करोड़, पूर्णिया विश्वविद्यालय को 5.87 करोड़ एवं मुंगेर विश्वविद्यालय को 2.36 करोड़ रुपये मिले हैं।


