Monday, May 4, 2026

बिहार विधानसभा के पहले सत्र के पहले दिन 236 विधायकों ने शपथ ग्रहण की.

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बिहार विधानसभा के पहले सत्र के पहले दिन 236 विधायकों ने शपथ ग्रहण की। मंत्री मदन सहनी सहित कुल 7 विधायक सदन में उपस्थित नहीं हो सके। इन विधायकों की शपथ बाद में कराई जाएगी। सत्र की शुरुआत शपथ ग्रहण के साथ हुई

पटना। बिहार विधानसभा की 18वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां द्वारा नियुक्त प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने सदन के भीतर सदस्यों को शपथ दिलाई। प्रथम दिन 243 विधायकों में 236 ने ही शपथ ली। शेष सात विभिन्न कारणों से सदन नहीं पहुंच पाए।

प्रथम दिन सदन नहीं पहुंचने वाले विधायकों में मंत्री मदन सहनी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में सत्र की शुरुआत पर प्रोटेम स्पीकर ने नए विधायकों को उनकी दायित्व का स्मरण कराया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि सत्तापक्ष के कार्य स्वयं बोलें, जबकि विपक्ष जनता की आवाज बने। मेरी जिम्मेदारी नए सदस्यों को शपथ दिलाने एवं अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को सम्पन्न कराने की है।

243 सदस्यीय सदन के विधायकों को शपथ के प्रारूप हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू एवं मैथिली पांच भाषाओं में उपलब्ध कराए गए थे। विधायकों ने अपनी पसंद की भाषा में एक-एक कर शपथ ली।

शुरुआत पश्चिमी चंपारण से जिले से हुई। मिथिलांचल क्षेत्र से आने वाले कई विधायकों जिनमें मंत्री अरुण शंकर प्रसाद एवं आलीनगर से निर्वाचित सबसे कम उम्र की विधायक एवं लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में शपथ ली।

अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ विधायकों विशेषकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम के सदस्यों ने उर्दू में शपथ ली।

कटिहार से भाजपा विधायक एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, सोनबरसा से जदयू विधायक रत्नेश सदा एवं कुछ अन्य सदस्यों ने संस्कृत में शपथ ली। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के विधायक विष्णु देव पासवान ने अंग्रेजी में शपथ ली। इसी तरह जदयू के चेतन आनंद एवं भाजपा के सिद्धार्थ सौरभ ने भी अंग्रेजी में शपथ ली। कई विधायकों ने जय बिहार, जय भारत, बिहार जिंदाबाद, सीमांचल जिंदाबाद, एवं जय भीम जैसे नारे लगाए।

नए मंत्रियों ने सबसे पहले शपथ ली, जिसके बाद राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और अन्य विधायकों ने शपथ ग्रहण किया।

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शपथ के बाद तेजस्वी को गले लगाया, जो उनके बीच की निकटता और सौहार्दपूर्ण संबंध को दर्शाता है। 68 वर्षीय भाजपा नेता 2014 में भाजपा में शामिल होने से पहले तीन दशक से अधिक समय तक राजद के साथ रहे हैं।

पांच दिनों के इस छोटे सत्र में विभिन्न सरकारी और विधायी कार्यों को निपटाया जाएगा। इस अवधि में विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों को सम्मिलित नहीं किया जाएगा।

प्रथम दिन कौन-कौन नहीं पहुंच पाए सदन?

समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, विधायक जिवेश कुमार, केदार नाथ सिंह, अनंत सिंह, अमरेंद्र कुमार पांडेय, बिनय बिहारी एवं डॉ. सुनील कुमार।

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