पटना | 30 अक्टूबर 2026
बिहार के सरकारी स्कूलों में पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता लागू हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य का शिक्षा विभाग पुराने शिक्षकों के लिए अलग से स्पेशल TET आयोजित कराने के विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पुराने शिक्षकों के लिए अलग परीक्षा कराने की तैयारी
शिक्षा विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पहले से नियुक्त शिक्षकों पर किस तरह लागू किया जाए। इसी क्रम में पुराने शिक्षकों के लिए विशेष TET आयोजित कराने का विकल्प सामने आया है।
संभावना है कि परीक्षा का आयोजन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से कराया जाए। हालांकि, अभी परीक्षा का पैटर्न, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और किन शिक्षकों को इसमें शामिल होना होगा, इन बिंदुओं पर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं हुई है।
नौकरी और प्रमोशन दोनों पर पड़ सकता है असर
TET की अनिवार्यता का असर शिक्षकों की नौकरी में बने रहने के साथ-साथ उनकी पदोन्नति पर भी पड़ सकता है। शिक्षा विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि किन शिक्षकों को परीक्षा पास करनी होगी और किन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत छूट मिलेगी।
फिलहाल परीक्षा की तारीख और आवेदन शुरू होने की समय-सीमा भी घोषित नहीं की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों जरूरी किया TET?
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को अंजुमन इशाअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में फैसला सुनाया था। इसमें शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के दायरे में आने वाले शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता से जुड़े निर्देश दिए गए थे।
आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2010 से पहले नियुक्त कुछ शिक्षकों पर भी TET पास करने की शर्त लागू हो सकती है। यह व्यवस्था संबंधित शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में बचे समय के आधार पर तय की गई है।
पांच साल से अधिक सेवा बाकी है तो पास करना होगा TET
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, जिन संबंधित शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से अधिक समय बचा है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET उत्तीर्ण करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उनकी सेवा जारी रहने पर असर पड़ सकता है। उन्हें नौकरी छोड़ने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच साल से कम समय बचा है, उन्हें TET पास किए बिना सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की छूट दी गई है। हालांकि, ऐसे शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा।
TET पास करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2028
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को समीक्षा याचिकाएं खारिज कर दी थीं। साथ ही TET उत्तीर्ण करने की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी गई थी।
अब बिहार शिक्षा विभाग को इसी आदेश के अनुरूप आगे की प्रक्रिया तय करनी है। यदि स्पेशल TET कराने पर सहमति बनती है, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की पात्रता, परीक्षा का स्वरूप और आवेदन से जुड़े नियमों की जानकारी अलग से जारी की जा सकती है।
फिलहाल शिक्षकों के लिए जरूरी बात यह है कि स्पेशल TET कराने का प्रस्ताव विचाराधीन है, इसे लेकर अंतिम सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है।
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