Twisha Sharma Case 2026: मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की अस्वाभाविक मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग का समर्थन किया है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में आशंका जताई है कि भोपाल में कुछ प्रभावशाली लोगों के कारण मुकदमे की कार्यवाही और गवाह प्रभावित हो सकते हैं।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
सीबीआई के लिखित जवाब के अनुसार, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश हैं, जबकि उनके पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं। एजेंसी ने कहा कि दोनों के भोपाल में प्रभावशाली होने को लेकर जताई गई आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सीबीआई ने अदालत से कहा कि गवाहों को प्रभावित किए जाने या डराए जाने की आशंका को देखते हुए न्याय के हित में उचित आदेश पारित किया जाना चाहिए। हालांकि, ये आशंकाएं हैं, अदालत में साबित तथ्य नहीं।
ट्विशा के पिता ने दाखिल की थी याचिका
मामले में ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मुकदमे को मध्य प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की थी। उन्होंने आशंका जताई कि पूर्व जिला न्यायाधीश होने के कारण उनकी बेटी की सास का स्थानीय स्तर पर प्रभाव हो सकता है, जिससे निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है।
याचिकाकर्ता ने मुकदमे को दिल्ली स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि वह स्वयं दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहले ही लगा चुका है सुनवाई पर रोक
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही है। 16 अक्टूबर को अदालत ने भोपाल सत्र न्यायालय में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया था।
रोक लगाए जाने से पहले, 10 अक्टूबर तक मामला आरोप तय करने के चरण पर बहस की स्थिति में पहुंच चुका था। अब मुकदमे को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण होगा।
मई 2026 में ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से शादी के करीब पांच महीने बाद मई 2026 में ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं।
इस मामले में उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। फिलहाल, मुकदमे के स्थानांतरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। सीबीआई का समर्थन इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, लेकिन मुकदमे को दिल्ली भेजने पर अंतिम निर्णय अदालत को लेना है।
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