धनबाद | 2 नवंबर 2026 | Bharat Superfast News
धनबाद के बारामुड़ी खटाल में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गया है। करीब 18 एकड़ जमीन की मापी और सर्वे के बाद जिला प्रशासन ने 155 घरों और दुकानों को अनधिकृत चिह्नित करते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया है। सोमवार, 2 नवंबर को नोटिस का जवाब देने के लिए खटालवासी धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे और जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
लोगों का कहना है कि जमीन से संबंधित पुराने कागजात एकत्र करने में समय लगेगा। इसलिए उन्हें अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त मोहलत दी जानी चाहिए।
पुराने पुनर्वास का हवाला देकर खटालवासियों ने रखा पक्ष
अंचल कार्यालय पहुंचे खटालवासियों ने दावा किया कि करीब 20 से 22 वर्ष पहले तत्कालीन उपायुक्त के निर्देश पर उन्हें बेकारबांध से हटाकर बारामुड़ी में बसाया गया था। उनका कहना है कि जब प्रशासन ने ही उन्हें वहां बसाया था, तो अब उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
लोगों ने जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेज जुटाने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की है, ताकि वे प्रशासन के सामने अपना पक्ष और दावे के समर्थन में उपलब्ध कागजात प्रस्तुत कर सकें।
वैध दस्तावेज नहीं देने पर जारी होगा जमीन खाली करने का नोटिस
धनबाद के अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बारामुड़ी में जमीन की मापी के बाद संबंधित लोगों को पहला नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सीओ के मुताबिक, खटालवासियों ने जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है और उन्हें मोहलत दी जा रही है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जमीन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वालों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन बलपूर्वक सरकारी जमीन खाली कराने की कार्रवाई कर सकता है। अंचल अधिकारी ने कहा कि सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी जमीन की मापी
प्रशासन का अतिक्रमण विरोधी अभियान केवल बारामुड़ी खटाल तक सीमित नहीं रहेगा। पांडरपाला और ट्रैक्शन कॉलोनी में भी जमीन की मापी तथा अतिक्रमित भूमि के चिह्नीकरण का काम चल रहा है।
अंचल अधिकारी के अनुसार, अभियान के अगले चरण में लोको टैंक, रानीबांध तालाब के आसपास और हाउसिंग कॉलोनी में भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
155 घरों और दुकानों के मामले में दस्तावेजों पर टिकी नजर
बारामुड़ी खटाल के 155 घरों और दुकानों से जुड़े मामले में अब संबंधित लोगों की ओर से पेश किए जाने वाले दस्तावेज अहम होंगे। खटालवासी पुराने पुनर्वास का हवाला देकर अपना पक्ष रख रहे हैं, जबकि प्रशासन जमीन के वैध कागजात के आधार पर अतिक्रमणवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
फिलहाल, लोगों को दस्तावेज जुटाने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने की बात सामने आई है। आगे का फैसला उनके जवाब और प्रस्तुत किए जाने वाले कागजात के आधार पर होगा।
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