बांका में आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में सरकार ने वृद्धि की है। सेविकाओं का मानदेय 7000 से बढ़ाकर 9000 रुपये और सहायिकाओं का 4000 से बढ़ाकर 4500 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से जिले की 2257 सेविकाओं और 2037 सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। हालांकि कई सेविकाओं ने इस वृद्धि को महंगाई के दौर में नाकाफी बताया है और सरकार से पुनर्विचार करने की अपील की है।
चुनावी दौर में सरकार हर वर्ग को साधने की कवायद में जुटी है। इसी क्रम में समेकित बाल विकास सेवा परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत सेविका और सहायिकाओं को मानदेय बढ़ोतरी का तोहफा दिया गया है। अब सेविकाओं का मानदेय सात हजार रुपये से बढ़ाकर नौ हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार रुपये से बढ़ाकर साढ़े चार हजार रुपये कर दिया गया है।
जिले में वर्तमान में 2,257 आंगनबाड़ी सेविकाएं और 2,037 सहायिकाएं कार्यरत हैं। मानदेय बढ़ोतरी से सीधे इन सभी को लाभ मिलेगा। जिले में इस बढ़ोतरी के लिए सरकार ने सेविकाओं के मानदेय के लिए 45 लाख 14 हजार रुपये और सहायिकाओं के लिए 10 लाख 18 हजार 500 रुपये की राशि स्वीकृत की है।
- प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य से जुड़ी छह प्रकार की सेवाएं लाभुकों तक पहुंचाई जाती हैं, जिसमें सेविकाओं और सहायिकाओं की भूमिका अहम है। उनके परिश्रम को देखते हुए मानदेय वृद्धि की गई है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और परियोजना की कार्यक्षमता और सुदृढ़ होगी। हालांकि कई सेविकाओं और सहायिकाओं ने इस वृद्धि को नाकाफी बताया है।
सरकार खुद मानती है कि हमने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर काम किया है, फिर भी केवल 2,000 और 500 रुपये की बढ़ोतरी काफी कम है। – विद्या देवी, सचिव, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, कटोरिया प्रखंड
सरकार हमसे कई अतिरिक्त काम लेती है, लेकिन मेहनताना एक कुशल मजदूर से भी कम मिलता है। – पार्वती देवी, कोषाध्यक्ष, संघ, कटोरिया प्रखंड
महंगाई के इस दौर में 9,000 और 4,500 रुपये से गुज़ारा मुश्किल है। सरकार को निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। – सुधा कुमारी, संघ कोषाध्यक्ष
हम जल्द ही सरकार को मांग पत्र सौंपकर मानदेय बढ़ोतरी पर पुनः विचार की अपील करेंगे। – सावित्री सिन्हा, जिला अध्यक्ष, बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ


