Saturday, August 1, 2026

बच्चों में किडनी स्टोन के संकेत: इन जगहों पर हो सकता है दर्द, लक्षण दिखें तो तुरंत दें ध्यान.

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किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की समस्या अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रही है। बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों, कम पानी पीने और कुछ स्वास्थ्य कारणों की वजह से बच्चों में भी यह परेशानी देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में किडनी स्टोन की पहचान करना कई बार मुश्किल हो जाता है क्योंकि छोटे बच्चे दर्द की सही जगह या परेशानी को ठीक से समझा नहीं पाते। ऐसे में माता-पिता को कुछ खास लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए।

बच्चों में किडनी स्टोन होने पर कहां महसूस हो सकता है दर्द?

किडनी में पथरी होने पर बच्चों को अलग-अलग जगहों पर दर्द महसूस हो सकता है। आमतौर पर ये हिस्से प्रभावित हो सकते हैं:

  • कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द
  • पेट के निचले भाग में तेज दर्द
  • पसलियों के नीचे या शरीर के एक तरफ दर्द
  • जांघ या ग्रोइन (कमर के जोड़ वाले हिस्से) तक फैलने वाला दर्द

किडनी स्टोन का दर्द कभी लगातार रह सकता है तो कभी कुछ समय बाद कम होकर दोबारा शुरू हो सकता है।

बच्चों में किडनी स्टोन के प्रमुख लक्षण

अगर बच्चे में नीचे दिए गए संकेत नजर आएं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

  • पेशाब में गुलाबी, लाल या भूरा रंग दिखाई देना
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द होना
  • बार-बार पेशाब आने की शिकायत
  • पेशाब कम होना या रुक जाना
  • पेशाब का धुंधला या तेज गंध वाला होना
  • छोटे बच्चों में चिड़चिड़ापन या बेचैनी बढ़ना
  • पेट दर्द के साथ जी मिचलाना या उल्टी होना
  • बुखार या ठंड लगना

ऐसे लक्षण किडनी स्टोन के अलावा किसी अन्य गंभीर समस्या की ओर भी इशारा कर सकते हैं, इसलिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

इलाज में देरी से बढ़ सकती हैं परेशानियां

विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक किडनी स्टोन की समस्या रहने पर पेशाब के रास्ते में रुकावट आ सकती है। इससे पेशाब का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और किडनी में सूजन जैसी समस्या पैदा हो सकती है।

कुछ मामलों में यह स्थिति किडनी की कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं, पेशाब लंबे समय तक जमा रहने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

बच्चों में किडनी स्टोन क्यों बन सकती है?

किडनी स्टोन बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

पानी की कमी

बच्चे खेलकूद या अन्य गतिविधियों में व्यस्त होकर पर्याप्त पानी नहीं पीते। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और पेशाब अधिक गाढ़ा हो जाता है, जिससे पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।

खान-पान की गलत आदतें

अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ, जंक फूड और असंतुलित आहार किडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। ज्यादा सोडियम लेने से पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है।

जेनेटिक कारण

कुछ बच्चों में आनुवंशिक कारणों से पेशाब में कुछ खास तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पथरी बनने की संभावना बढ़ सकती है।

पेशाब रोकने की आदत

लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने से संक्रमण और पेशाब संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर पथरी का कारण बन सकता है।

यूरिक एसिड का बढ़ना

कुछ बच्चों में शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से क्रिस्टल बनने लगते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले सकते हैं।

जन्मजात समस्याएं

कुछ बच्चों में मूत्र मार्ग या किडनी से जुड़ी जन्मजात समस्याएं होती हैं, जिससे पेशाब का प्रवाह बाधित हो सकता है और पथरी बनने का खतरा बढ़ सकता है।

मोटापा और कुछ दवाएं

मोटापे से जुड़े मेटाबॉलिक बदलाव और कुछ विशेष दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल भी किडनी स्टोन के जोखिम से जुड़ा हो सकता है।

बच्चों को किडनी स्टोन से बचाने के उपाय

  • बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालें
  • ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचें
  • संतुलित और पौष्टिक आहार दें
  • पेशाब को लंबे समय तक रोकने की आदत न बनने दें
  • बच्चों के वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखें
  • बार-बार होने वाली पेशाब संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें

विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर पहचान और इलाज से बच्चों में किडनी स्टोन की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। माता-पिता को बच्चे के व्यवहार और स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए।

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