फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने फेसबुक ग्रुप्स के लिए एक अलग स्टैंडअलोन ऐप ‘फोरम’ लॉन्च किया है. यह ऐप उन यूज़र्स के लिए बनाया गया है, जो किसी भी विषय पर काफी डीप डिस्कशन, सवालों के सही जवाब और अपनी पसंदीदा कम्यूनिटीज़ में ज्यादा समय बिताना चाहते हैं. सोशल मीडिया कंसल्टेंट मैट नवार्रा ने सबसे पहले इस ऐप की जानकारी दी थी.
फेसबुक अकाउंट से लॉगिन करने के बाद फोरम ऐप आपके ग्रुप्स, प्रोफाइल और एक्टिविटी को आसानी से लोड कर लेता है. यहां आप निकनेम का इस्तेमाल करके पोस्ट कर सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे मुख्य फेसबुक ऐप में होता है. इसके बारे में मेटा ने साफ कहा है कि आपके ग्रुप्स अभी भी फेसबुक पर मौजूद रहेंगे और फोरम पर शेयर की गई कोई भी चीज़ फेसबुक ग्रुप्स में भी दिखाई देगी. इसका मतलब है कि इस ऐप में आपको Reddit जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा.
नए ऐप के फीचर्स
यह ऐप खासतौर पर ग्रुप्स के अंदर होने बातचीत पर फोकस करेगा. यूजर्स ट्रेंडिंग टॉपिक्स के बजाय असली लोगों की राय देख पाएंगे. साथ ही जहां से उन्होंने छोड़ा था, वहां से आसानी से चर्चा को आगे बढ़ा सकते हैं. ऐप में एक खास AI-पावर्ड ‘Ask’ टैब भी है, जहां यूजर्स सवाल पूछ सकते हैं और अलग-अलग ग्रुप्स की चर्चाओं से संकलित जवाब मिलेंगे.
ग्रुप एडमिन्स के लिए भी एक AI असिस्टेंट उपलब्ध है, जो कंटेंट मॉडरेट करने और ग्रुप मैनेजमेंट में मदद करेगा. यह मेटा का फेसबुक ग्रुप्स के लिए दूसरा स्टैंडअलोन ऐप है. साल 2014 में भी कंपनी ने एक समर्पित ग्रुप्स ऐप लॉन्च किया था, लेकिन 2017 में उसे बंद कर दिया गया था.
हाल के हफ्तों में मेटा ने दो नए ऐप्स पेश किए हैं. आपको बता दें कि कुछ ही हफ्ते पहले इंस्टाग्राम ने ‘Instant’ ऐप लॉन्च किया था, जिसमें दोस्तों के साथ गायब होने वाली फोटोज शेयर की जा सकती हैं. फोरम और इंस्टेंट्स मेटा की नई स्ट्रैटेजी का हिस्सा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों से कहा है कि AI से मिली काबिलियत के कारण अब कंपनी ज्यादा ऐप्स बना सकती है.
मार्क जुकरबर्ग की फ्यूचर प्लानिंग
जुकरबर्ग ने चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स के साथ चर्चा करते हुए कहा कि क्या हम 50 नए ऐप्स बना सकते हैं. शुरुआत में कुछ ऐप्स बनाकर देखना बेहतर होगा. हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता इतने सारे नए ऐप्स की मांग नहीं कर रहे हैं. खासकर जब ये ऐप्स दूसरे प्लेटफॉर्म्स की नकल करते नजर आते हैं, तो उनसे यूज़र्स का कंपनी के प्रति सम्मान थोड़ा कम होता है.
उदाहरण के लिए इंस्टेंट्स ऐप – बेरीयल और स्नैपचैट जैसा ही है, जबकि पिछले साल लॉन्च किया गया मेटा एडिट्स बाइटडांस के कैपकट की तरह काम करता है. बहरहाल, इस बार मेटा का नया फोरम ऐप फेसबुक में यूज़र्स को रेडिट जैसा अनुभव देने के लिए बनाया गया है. अब देखना होगा कि इस ऐप को यूज़र्स कितना सपोर्ट करते हैं.


